नूंह पुलिस ने दो साइबर आरोपी किये गिरफ्तार, ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का खुलासा
जिले में साइबर अपराध पर शिकंजा कसने के लिए नूंह पुलिस लगातार सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक बार फिर दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन ठगी और फर्जी सिम एवं मोबाइल फोन के जरिए साइबर अपराध को अंजाम देने में संलिप्त पाए गए।
नूंह: जिले में साइबर अपराध पर शिकंजा कसने के लिए नूंह पुलिस लगातार सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक बार फिर दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन ठगी और फर्जी सिम एवं मोबाइल फोन के जरिए साइबर अपराध को अंजाम देने में संलिप्त पाए गए।
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पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि पहले मामलें में साइबर थाना नूंह की टीम ने साइबर पोर्टल पर संदिग्ध सक्रिय मोबाइल नंबर की निगरानी के दौरान कार्रवाई करते हुए दिल्ली-अलवर रोड स्थित हीरा लाल स्कूल के पास से आरोपी राकिब पुत्र जैकम निवासी अखनाका, थाना सदर फिरोजपुर झिरका को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड के तकनीकी विश्लेषण में ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर आमजन से धोखाधड़ी, फर्जी व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट, इंस्टाग्राम प्रोफाइल, संदिग्ध चैट, कियूआर कोड स्क्रीनशॉट और यूपीआई आईडी के जरिए साइबर ठगी के सबूत मिले । साइबर पोर्टल पर जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल नंबर से गुजरात और कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों की धोखाधड़ी शिकायतें भी सामने आईं। यह आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। इस मामलें में नूंह साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा किया है।
वहीं दूसरे मामलें में थाना सदर पुन्हाना टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव लहरवाड़ी-ठेक मार्ग पर रेड कर असफाक पुत्र जाहुल निवासी जीवनबास, जिला डीग राजस्थान को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन, सिम और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में फेसबुक फॉलोवर बढ़ाने, फर्जी प्रोफाइल और क्यूआर कोड के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने के प्रमाण मिले। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान और मोबाइल नंबर के जरिए साइबर फ्रॉड कर रहा था। साइबर पोर्टल से प्राप्त जानकारी में उसके खिलाफ ऑनलाइन शिकायत और धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। इस संबंध में साइबर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामलों की प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, फर्जी डिजिटल प्रोफाइल, यूपीआई आधारित धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क से संबंधित पाए गए हैं। पुलिस दोनों मुकदमों में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है ।




