Nuh Mewat news: फर्जी सिम और पुराने सिक्कों के नाम पर साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल-कार समेत सामान बरामद
साइबर अपराधियों को फर्जी खाते बेचने वाले गिरोह पर शिकंजा, तीन आरोपी दबोचे
जिला पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी एटीएम कार्ड तथा एक कार बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
नूंह: जिला पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी एटीएम कार्ड तथा एक कार बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पहले मामले में साइबर थाना नूंह टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि राजस्थान के डीग जिले के गांव सामदीका निवासी वसीम अकरम अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए लोगों को पुराने नोटों और पुराने सिक्कों की खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी का शिकार बना रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में तिजारा रोड स्थित ईदगाह के पास छापेमारी कर आरोपी को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन सक्रिय सिम कार्ड, दो फर्जी सिम कार्ड तथा एक कार बरामद की गई। जांच में मोबाइल फोन में संदिग्ध व्हाट्सएप चैट, फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले।यह आरोपी लोगों को पुराने सिक्के और पुरानी करेंसी बेचने का झांसा देकर साइबर ठगी करने की तैयारी में था। दूसरे मामले में सूचना मिली कि गांव नहारिका निवासी शाहरुख फर्जी बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड खरीदकर साइबर ठगों को बेचने का काम करता है। सूचना के आधार पर गांव कामेड़ा स्थित खेल स्टेडियम के पास पुलिस ने छापेमारी कर शाहरुख के साथ मध्य प्रदेश के सतना निवासी रितेश वर्मा तथा उत्तर प्रदेश के बाराबंकी निवासी विजय कुमार वर्मा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान तीनों आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड तथा छह संदिग्ध सिम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस जांच में मोबाइल फोन से फर्जी खातों की खरीद-फरोख्त से संबंधित संदिग्ध चैट भी मिली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराकर साइबर अपराधों को बढ़ावा देने का काम करते थे।

दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत साइबर थाना नूंह में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।




