Nuh Mewat News: हिंदू समाज की बेटियों ने सरपंच पहलू खान को बांधी राखी, मेवात में दिखी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल
रक्षाबंधन पर मजबूत हुआ भाईचारे का बंधन, पहलू खान ने बहनों को शॉल भेंट कर किया सम्मानित
रक्षाबंधन का त्योहार हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र और अटूट प्रेम के रिश्ते का प्रतीक है।
नूंह : रक्षाबंधन का त्योहार हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र और अटूट प्रेम के रिश्ते का प्रतीक है। रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर जब बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं तो भाई भी बहनों की रक्षा, सम्मान और हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं सौहार्द का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन त्योहार नूंह जिले के कंवरसिका गांव में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जहां बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। इसी अवसर पर ऐसी समाज की बेटियों ने गांव के सरपंच पहलू खान की कलाई पर राखी बांधकर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल पेश की। बेटियों ने सरपंच को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। सरपंच पहलू खान ने भी बहनों के स्नेह और अपनत्व का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया।

हर त्योहार मिल-जुलकर मनाना मेवात की पहचान नूंह मेवात में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की परंपरा वर्षों पुरानी रही है। यहां सभी धर्मों और समाजों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में हंसी-खुशी शामिल होते हैं। ईद हो, दीपावली, होली हो या रक्षाबंधन, सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होकर आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश देते हैं।यहां खुशी के अवसर पर सभी मिलकर खुशियां बांटते हैं और दुख की घड़ी में भी एक-दूसरे का साथ देते हैं। सुख-दुख में एक साथ खड़े रहना और एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होना मेवात की सामाजिक पहचान रही है। यही आपसी भाईचारा मेवात को देश-दुनिया में एक अलग पहचान दिलाता है।देश-विदेश में भाईचारे की मिसाल रहा है। कंवरसिका गांव में रक्षाबंधन पर ऐसी समाज की बेटियों द्वारा सरपंच पहलू खान की कलाई पर राखी बांधना और सरपंच द्वारा बहनों को शॉल भेंट कर सम्मानित करना मेवात की गंगा-जमुनी तहजीब, हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द की जीवंत मिसाल है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का काम करते हैं।
रक्षाबंधन का यह पावन पर्व कंवरसिका में भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के रिश्ते को भी और मजबूत कर गया। इस मौके पर मुख्य रूप को हिम्मत प्रधान, हामीद, हाजी शहीद, कासम, नंबरदार,यूनूस, इरसाद ब्लॉक सीमित मेंबर कवरसीका, मुस्तुफा मेंबर, जाहूल मेंबर, सरफुद्दीन कबाड़ी, हाजी जसमाल, कमरूद्दीन, दुलीचन्द, हुकम, रोकी, सन्नी, सीकू, ओमप्रकाश, सुखबीर, लीलू व दीनू आदि मौजूद रहे।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



