डीआरआई अधिकारी बन लूट करने वाले मास्टरमाइंड धर्मबीर फौजी के गिरोह का हुआ पर्दाफाश, सात बदमाश काबू

15 साल से लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे रहा था गिरोह

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राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बता सर्राफा से 31 लाख रुपये व 300 ग्राम सोने की लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

पलवल। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बता सर्राफा से 31 लाख रुपये व 300 ग्राम सोने की लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की अपराध शाखाओं, साइबर टीम व शहर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चला अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना सहित सात बदमाशों का काबू किया है। आरोपियों पिछले लंबे से लूटपाट, डकैती व चोरी के दर्जनों मामलों में वांछित रहे हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी अधिकारी बन लूट की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह के सरगना धर्मबीर फौजी पर विभिन्न राज्यों में 26 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े 17 लाख रुपये व 138 ग्राम सोने की बरामदगी कर ली है। मामले में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी अभी बकाया है, जिनसे बकाया राशि व ज्वैलरी बरामद की जाएगी।

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पुलिस की गिरफ्त में लूटपाट के आरोपी व जानकारी देते हुए एसपी नीतीश अग्रवाल।

शनिवार को जिला पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने प्रेस वार्ती कर जानकारी दी कि बीती दो अप्रैल को शहर के हुडा सेक्टर दो चौक के समीप बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी के कर्मचारी विजय व चालक राजकुमार की कार को रुकवा लिया। बदमाशों ने खुद को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर उनसे 30 तोला सोना व 31 लाख को नगदी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार में सवार कर्मचारी का अपहरण कर अपने साथ ले गए, जिसे बाद में उन्हें गुरुग्राम में छोड़ कर सोना व नगदी लेकर फरार हो गए। मामले में सर्राफ विकास जैन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। 

चार टीमों ने खंगाले 300 सीसीटीवी
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए चार टीमों को गठन किया। टीमों में जिले से सभी अपराध शाखाओं के अलावा साइबर सैल व शहर थाना पुलिस को शामिल किया गया। टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की और करीब 300 सीसीटीवी खंगाले। साइबर तकनीक, सीसीटीवी व खुफिया तंत्र का इस्तेमाल कर लुटेरों की पहचान की गई और दिल्ली व फरीदाबाद के अलग-अलग स्थानों से मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से करीब 138 ग्राम सोना, साढ़े 17 लाख रुपये नकद, एक अर्टिगा व स्विफ्ट कार, एक बाइक व चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। 

मास्टरमाइंड धर्मबीर फौजी पर दर्ज मिले हैं 26 मामले
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चार दिल्ली, एक पलवल, एक पश्चिम बंगाल व एक झज्जर के निवासी शामिल हैं। लूट की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड धर्मबीर फौजी उर्फ सरजी मूल रूप से सिलानी झज्जर का रहने वाला है, जो फिलहाल फरीदाबाद के ग्रीन फील्ड इलाके में रहता है। आरोपी की उम्र करीब 64 साल है और वह डिफेंस सिविल डिपार्टमेंट से निलंबन के बाद नौकरी से हटा दिया गया। आरोपी पर दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में करीब 26 मामले दर्ज मिले हैं। वह 15 साल से अपराध की दुनिया से जुड़ा हुआ है। दूसरा आरोपी नरेंद्र कुमार उर्फ नीटू झज्जर का रहने वाला है। इसके अलावा अमित उर्फ बबलू दिल्ली के अशोक विहार, बिजेंद्र कुमार उर्फ काला पंडित नई दिल्ली के कालका, लक्ष्मण उर्फ केहरी पलवल के गांव गहलब, दिनेश कुमार दिल्ली के शिवपुरी मीठापुर व दीपक सामंतो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। 

ग्वालियर में भी अधिकारी बनकर की थी लूट
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब तीन माह तक व्यापारी की रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने फर्जी आईडी कार्ड व फर्जी नंबर प्लेट लगा गाड़ियों का इस्तेमाल किया और खुद को डीआरआई का अधिकारी बता लूटपाट की। इससे पहले आरोपी मध्य प्रदेश के ग्वालियर के गुटखा व्यापारी से 25 लाख रुपये व दिल्ली में पांच लाख रुपये की लूट की वारदात को इसी प्रकार अंजाम दे चुके हैं। 

ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
एसपी नीतीश अग्रवाल ने बताया कि डीएसपी क्राइम अनिल कुमार के नेतृत्व गठित चार टीमों ने वारदात का खुलासा किया है। टीम में क्राइम ब्रांच होडल प्रभारी जगमिंदर सिंह, क्राइम ब्रांच पलवल प्रभारी रविंद्र कुमार, एवीटी हथीन प्रभारी दीपक गुलिया, थाना शहर पलवल प्रभारी प्रकाश चंद, साइबर सेल प्रभारी विनोद भाटी व चौकी भवन कुंड प्रभारी हंसराज की प्रशंसा करते हुए प्रोत्साहित करने हेतु उन्हें प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की।

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