Rewari News: ऑटो -पे और सब्सक्रिप्शन फ्रॉड से रहें सतर्क, भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही ऑटो-पे सक्रिय करें : एसपी

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जिला पुलिस ने आमजन को ऑटो-पे, सब्सक्रिप्शन और ऑटो-डेबिट से जुड़े साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इस विषय में एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि वे मोबाइल ऐप्स, वेबसाइट्स और ऑनलाइन सेवाओं पर ऑटो-पे की सुविधा का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें। 

रेवाड़ी। जिला पुलिस ने आमजन को ऑटो-पे, सब्सक्रिप्शन और ऑटो-डेबिट से जुड़े साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इस विषय में एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि वे मोबाइल ऐप्स, वेबसाइट्स और ऑनलाइन सेवाओं पर ऑटो-पे की सुविधा का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें। images (1)
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठग लोगों को फर्जी ऐप या वेबसाइट के माध्यम से सब्सक्रिप्शन दिलवाकर उनके बैंक खाते या यूपीआई से ऑटोमैटिक पैसे कटवा लिए हैं। कई बार यूजर्स अनजाने में ओटीपी डालकर या अलाऊ ऑटो डेबिट पर क्लिक करके खुद ही ठगों को अनुमति दे देते हैं। इसके बाद हर माह या तय समय पर उनके खाते से पैसे कटते रहते हैं। 
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ऐप या वेबसाइट को  ऑटो-पे की अनुमति देने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें। केवल आधिकारिक और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही ऑटो-पे सुविधा सक्रिय करें। किसी भी अनजान लिंक, ऑफर या कॉल के झांसे में आकर ऑटो डेबिट की अनुमति न दें। एसपी हेमेंद्र ने बताया कि नागरिक समय - समय पर अपने बैंक खाते, यूपीआई ऐप जैसे फोन-पे व गूगल-पे और नेट बैंकिंग में जाकर सक्रिय  ऑटो-पे मेनडेट्स की जांच करें और अंजान या संदिग्ध मेनडेट्स को तुरंत बंद करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के खाते से बिना जानकारी के पैसे कट रहे हैं, तो तुरंत संबंधित बैंक को सूचित करें और ऑटो-पे मेनडेट को रद्द कराएं। साथ ही इसकी सूचना पुलिस को भी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सकें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की किसी भी स्थिति में नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या साइबरक्राइम.जीओवी.इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।  
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