Gurugram News: बिल्डरों की मनमानी पर मुख्यमंत्री सख्त, दिए कड़े निर्देश
अब मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर बिल्डर नहीं काट सकेगा बिजली
बिल्डरों और उनकी सोसायटियों के रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली मेंटेनेंस एजेंसियों की मनमानी पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कड़ा संज्ञान लिया है। गुरुग्राम में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान जब एक बिल्डर की मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर बिजली काटने की शिकायत आई तो मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बिल्डर की यह मनमानी बर्दाश्त से बाहर है। नागरिकों को मूल सुविधा से महरूम नहीं किया जा सकता।
गुरुग्राम: बिल्डरों और उनकी सोसायटियों के रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली मेंटेनेंस एजेंसियों की मनमानी पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कड़ा संज्ञान लिया है। गुरुग्राम में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान जब एक बिल्डर की मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर बिजली काटने की शिकायत आई तो मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बिल्डर की यह मनमानी बर्दाश्त से बाहर है। नागरिकों को मूल सुविधा से महरूम नहीं किया जा सकता।

दरअसल, सेक्टर-83 के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने शिकायत की कि मेंटेनेंस शुल्क नहीं देने वाले फ्लैट मालिकों के बिजली कनेक्शन बिल्डर काट रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कोई भी बिल्डर मेंटेनेंस शुल्क की वसूली के लिए बिजली जैसी मूलभूत सुविधा बाधित नहीं कर सकता। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित बिल्डर के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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वजीरपुर एन्क्लेव में सुविधाओं का होगा विस्तार: वजीरपुर एन्क्लेव के निवासियों ने सीवरेज, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, गलियों के निर्माण और बिजली व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को संयुक्त सर्वे कर प्राथमिकता के आधार पर सभी आवश्यक विकास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
शहर की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा : सीएम सैनी: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को गुरुग्राम में हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में साफ संदेश दिया कि शहर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। बैठक में 15 परिवादों में से 13 का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि दो मामलों में अगली बैठक तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, बिल्डरों की मनमानी पर सख्ती, अवैध सीएंडडी वेस्ट डंपिंग पर कार्रवाई और वजीरपुर एन्क्लेव में मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं सीएम विंडो पर दर्ज शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हैं। ऐसे में किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, संवेदनशील और तय समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक माह में खुले में नहीं दिखना चाहिए सीएंडडी वेस्ट: मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट की अवैध डंपिंग पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसियां और बिल्डर वैज्ञानिक तरीके से निर्धारित स्थानों पर ही मलबे का निस्तारण करें।
सेक्टर-102 से आई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां भी खुले में सीएंडडी वेस्ट मिला, वहां जिम्मेदार बिल्डर या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अवैध रूप से डाले गए मलबे को हटाने का पूरा खर्च भी संबंधित संस्था से ही वसूला जाए। साथ ही एक माह के भीतर पूरे शहर से खुले में पड़ा सीएंडडी वेस्ट हटाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर सरकार के पास आता है तो उसका समाधान करना प्रशासन का दायित्व है। सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें ताकि लोगों को राहत मिल सके।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, सोहना विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा जिला परिषद अध्यक्ष दीपाली चौधरी मौजूद रहे, भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी "पिंटू" महानगर जिलाध्यक्ष अजीत यादव सहित सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

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