Nuh Mewat News: दो अलग-अलग मामलों में नूंह पुलिस ने दो साइबर ठग किए गिरफ्तार
बैंक खाते, एटीएम कार्ड, फर्जी सिम और मोबाइल बरामद
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना नूंह पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण बरामदगी की है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए गए हैं।
नूंह। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना नूंह पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण बरामदगी की है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, फर्जी सिम तथा अन्य सामग्री बरामद की गई है।

पहले मामले में साइबर क्राइम थाना नूंह की टीम को सूचना मिली कि उमरी निवासी मोमिन पुत्र जफरुद्दीन साइबर फ्रॉड गतिविधियों में संलिप्त है और नल्हड़ अस्पताल के पास आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने नल्हड़ रोड पुलिया के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान एक युवक मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया, जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान मोमिन के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, पांच बैंक पासबुक, पांच एटीएम/डेबिट कार्ड, दो इंडिया पोस्ट केवाईसी अकाउंट कार्ड, दो चेक बुक तथा मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने बरामद बैंक खातों और दस्तावेजों की समन्वय पोर्टल पर जांच की, जिसमें कई ऑनलाइन ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज मिलीं।
आरोपी बरामद सामग्री के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने सभी सामान को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। दूसरे मामले में सीएस स्टाफ फिरोजपुर झिरका की टीम को सूचना मिली कि सुखपुरी निवासी इलियास पुत्र मूसा खान फर्जी सिम और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर नटराज पेंसिल पैकिंग का काम दिलाने तथा लकी ड्रॉ के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करता है।
सूचना पर पुलिस ने भादस-शिकरावा रोड पर छापेमारी कर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन और उनमें लगी सिम कार्ड बरामद हुईं। जांच में मोबाइल फोन में संदिग्ध व्हाट्सएप चैट, फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन ठगी से संबंधित संदेश, फोटो और स्क्रीनशॉट मिले। साइबर सेल की जांच में बरामद सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत पाए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी पहचान और फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर लोगों को रोजगार और लकी ड्रॉ का झांसा देकर ठगी करता था।
आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए हैं और आरोपियों से पूछताछ जारी है। साइबर क्राइम थाना नूंह पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है, ताकि इनके माध्यम से किए गए साइबर अपराधों और संभावित अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
अधिकारियों ने आमजन से ऑनलाइन नौकरी, लकी ड्रॉ, निवेश या अन्य आकर्षक ऑफरों के नाम पर आने वाले संदेशों और कॉल से सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को देने की अपील की है।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
संबंधित समाचार



