Kaithal News: फर्जी दवा कंपनी बनाकर साइबर ठगी करने के मामले में आरोपी गिरफ्तार।
साइबर ठगो पर एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार कैथल पुलिस द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे ही एक फर्जी दवा कंपनी बनाकर एक कारोबारी से 82 हजार रुपये के मामले की जांच थाना साइबर थाना प्रभारी पीएसआई रवि की अगुवाई में एएसआई जसबीर सिंह की टीम द्वारा करते हुए आरोपी सनसिटी अपार्टमेंट बसंत बाग बद्दी हिमाचल प्रदेश निवासी अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
कैथल। साइबर ठगो पर एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार कैथल पुलिस द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे ही एक फर्जी दवा कंपनी बनाकर एक कारोबारी से 82 हजार रुपये के मामले की जांच थाना साइबर थाना प्रभारी पीएसआई रवि की अगुवाई में एएसआई जसबीर सिंह की टीम द्वारा करते हुए आरोपी सनसिटी अपार्टमेंट बसंत बाग बद्दी हिमाचल प्रदेश निवासी अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया की करनाल रोड स्थित सतगुरु मार्केट निवासी हंसराज वर्मा की शिकायत अनुसार वह अपने भतीजे कृष्ण वर्मा की केबी एंटरप्राइज नामक दवा थोक फर्म में लीगल कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म के लिए अक्सर ऑनलाइन दवाइयों की खरीद की जाती है। 27 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक महिला का फोन आया जिसने अपना नाम सेजल वर्मा उर्फ तनीषा बताया। महिला ने कहा कि उनकी कंपनी डॉ. ट्रस्ट मेड सोलन-बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में दवाइयों का निर्माण करती है। इसके बाद उसने कंपनी के मालिक बताए गए अजय डोगरा से बात करवाई।
अजय डोगरा ने दावा किया कि उनकी कंपनी हर प्रकार की दवाइयों का निर्माण करती है और आवश्यक लाइसेंस भी मौजूद हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने दवाइयों की सूची और रेट भेजे और फर्म के दस्तावेज मांगकर प्राप्त कर लिए। बाद में करीब पांच लाख रुपये की दवाइयों का ऑर्डर ले लिया और दवाइयों के बिल भी भेज दिए। विश्वास जीतने के लिए कंपनी का लाइसेंस, जीएसटी नंबर और अन्य दस्तावेज भी भेजे गए।
हंसराज वर्मा ने बताया कि आरोपियों के कहने पर उन्होंने 8 जनवरी 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक, बद्दी के एक खाते में 21 हजार रुपये जमा करवाए। इसके बाद दवाइयों के लेबल और पैकेजिंग डिजाइन के नाम पर संजय कुमार नामक व्यक्ति से भी संपर्क कराया गया। बाद में 5 मार्च 2026 को आरोपियों की मांग पर 61 हजार रुपये और एनईएफटी के माध्यम से खाते में भेज दिए। इसके बावजूद दवाइयों की आपूर्ति नहीं की गई और आरोपी लगातार और अधिक रुपये मांगने लगे। तब शिकायतकर्ता को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ। जिस बारे थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया।
आरोपी द्वारा उक्त ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक लैपटॉप व 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का न्यायालय से 2 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
संबंधित समाचार



