Rewari News: दो कंपनी कर्मियों की गुमशुदगी रपट दर्ज , परिजनों ने कंपनी गेट पर किया रुदन
मंगलवार को कंपनी में लगी आग में गंभीर रूप से झुलसने वाले यूपी निवासी एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि
जिला रेवाड़ी के आईएमटी बावल क्षेत्र के सेक्टर 5 स्थित जीएलएस सुपरस्पेशलिटी केमिकल कंपनी में मंगलवार की दोपहर बॉलर लीकेज के बाद लगी भीषण आग में अभी तक 6 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल होने की वजह से गुरुग्राम के एक अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल कराए गए थे, इनमें प्रवेश और हरीबाबू का नाम शामिल हैं।
रेवाड़ी।
जिला रेवाड़ी के आईएमटी बावल क्षेत्र के सेक्टर 5 स्थित जीएलएस सुपरस्पेशलिटी केमिकल कंपनी में मंगलवार की दोपहर बॉलर लीकेज के बाद लगी भीषण आग में अभी तक 6 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल होने की वजह से गुरुग्राम के एक अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल कराए गए थे, इनमें प्रवेश और हरीबाबू का नाम शामिल हैं। अन्य अमित, विक्रम और राहुल का अन्य जगह इलाज चल रहा है। बुधवार को इलाज के दौरान 35 वर्षीय हरीबाबू का निधन हो गया।
उधर वीरवार को इस कंपनी में काम करने वाले धर्मेंद्र कुमार निवासी केवल बीघा, शेखपुरा बिहार के परिजनों, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं, ने कंपनी के गेट के सामने लेट कर रुदन किया। उधर एक अन्य कंपनी कर्मी सतेंद्र पासवान निवासी बिहार की गुमशुदगी रपट दर्ज कराई गई है। यहां तैनात पुलिस बल ने गुम हुए कंपनी कर्मी के बिहार से आए परिजनों को कंपनी के गेट से जबरन हटाया। बाद में इस कंपनी के ठेकेदार का एक कारिंदा इन दोनों पक्षों के लोगों को अलग टेक्सी नंबर कार में बिठाकर किसी अज्ञात जगह ले गया।
उधर वीरवार को कंपनी प्रबंधन के साथ एसडीएम बावल और डीएसपी बावल की लगभग सारा दिन बैठकें चली। आग लगने के बाद इस कंपनी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मीडिया समेत किसी भी बाहर से आए व्यक्ति को कंपनी परिसर में जाने की अनुमति नहीं। हालांकि कंपनी अधिकारी और जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी कंपनी में आ जा रहे हैं। एसडीआरएफ की टीम मंगलवार को वापस लौट गई। कंपनी में मेंटेनेंस डिपार्टमेंट के लोग प्रोडक्शन वाली जगह पर काम कर रहे थे, जिस वक्त यह घटना घटी। फिलहाल कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से मीडिया में इस घटना को लेकर कोई भी सटीक जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि बुधवार को जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने चल रहे राहत कार्यों को लेकर गंभीर टिप्पणी भी की। एसपी ने इस मामले में किसी को भी नहीं बख्शने का बयान दिया। उधर मंगलवार को लगी आग में 80 फीसदी झुलसे 45 वर्षीय हरीबाबू की गुरुग्राम के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने की वीरवार को डीएसपी बावल और एसएचओ बावल ने मीडिया में पुष्टि कर दी। बता दें कि हरीबाबू पुत्र राम गुलाबी मूल रूप से गांव रावला थाना छर्रा यानी छारा, जिला अलीगढ़ यूपी का रहने वाला था, जोकि उक्त कंपनी के मेंटेनेंस डिपार्टमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे।

गंभीर सवाल, प्रशासन और पुलिस क्यों छिपा रही अंदर की जानकारी:
जिला प्रशासन या कंपनी प्रबन्धन की ओर से इस मामले में मीडिया पर लगाई बंदिशों के बीच एक बात साफ है कि अंदर कुछ ऐसा है कि प्रशासन और पुलिस नहीं चाहते कि वह जनता के सामने मीडिया के जरिए सामने आए। हालांकि कंपनी के अंदर आग लगने के बाद तापमान अधिक होने की वजह बताकर मीडिया को कंपनी के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
उधर कंपनी प्रबंधन या जिला प्रशासन ने मीडिया के सामने अभी तक यह ब्रीफ करना तक मुनासिब नहीं समझा कि उस दिन कंपनी में कितने लोग इस घटना के वक्त ड्यूटी पर थे और कितने लोगों की जानकारी अभी नहीं मिल रही। या कितने लोग इस आग के शिकार बने। इसकी वजह क्या रही। कितने लोगों की गुमशुदगी रपट दर्ज हुई है? सवाल बहुत हैं मगर उत्तर देने के लिए कोई जिम्मेदार सामने नहीं, ना जिला प्रशासन और ना ही कंपनी प्रबंधन। अब सवाल यह है कि क्या हरियाणा सरकार जिला रेवाड़ी की औद्योगिक इकाइयों में लगने वाली ने आग की घटनाओं का संज्ञान लेगी।

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