Yamuna Nagar News: आज “एक देश–एक किताब –एक समान फीस” अभियान के अंतर्गत अभिभावकों एवं जागरूक नागरिकों द्वारा जोरदार शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल से जुड़े मामले में शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई ₹2 लाख की पेनल्टी को लेकर अपना रोष प्रकट किया। अभिभावकों ने सवाल उठाया कि जिन बच्चों के अधिकार प्रभावित होने की बात विभागीय कार्रवाई में सामने आई, उनके मामले में केवल जुर्माना लगाना ही पर्याप्त है या नहीं।
यमुनानगर: प्रदर्शनकारियों ने संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल से जुड़े मामले में शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई ₹2 लाख की पेनल्टी को लेकर अपना रोष प्रकट किया। अभिभावकों ने सवाल उठाया कि जिन बच्चों के अधिकार प्रभावित होने की बात विभागीय कार्रवाई में सामने आई, उनके मामले में केवल जुर्माना लगाना ही पर्याप्त है या नहीं।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि बच्चों को हुई परेशानी की जिम्मेदारी किसकी है। साथ ही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एवं कार्रवाई की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
अभिभावकों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था से व्यक्तिगत विवाद करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि निजी स्कूलों से संबंधित शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो तथा अभिभावकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से:
संजीव नंदा, जय राम सैनी, संजय राघव, अंकुश बक्शी सहित अन्य अभिभावक एवं जागरूक नागरिक मौजूद रहे।
मुख्य संदेश
“एक देश –एक किताब –एक समान फीस”
“शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करो!”
“बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में उचित कार्रवाई करो!”

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