Palwal News : प्रदेश में 238 मास्टर ट्रेनर्स तैयार कर रहा है एसवीएसयू
मूल्यांकन एवं प्रमाणन विभाग द्वारा दिया जा रहा है तीन चरणों में प्रशिक्षण, सरकारी स्कूलों में स्किल इको सिस्टम तैयार करने की मुहिम
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय द्वारा कुशल बिजनेस चैलेंज के अंतर्गत प्रदेश में 238 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 84 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। एसवीएसयू के मूल्यांकन एवं प्रमाणन विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में दक्षता हासिल करने के बाद यह मास्टर ट्रेनर्स अपने जिलों में प्रशिक्षण देंगे।
पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय द्वारा कुशल बिजनेस चैलेंज के अंतर्गत प्रदेश में 238 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 84 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। 
एसवीएसयू के मूल्यांकन एवं प्रमाणन विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में दक्षता हासिल करने के बाद यह मास्टर ट्रेनर्स अपने जिलों में प्रशिक्षण देंगे। विभाग की संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को कुशलता के साथ अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता में बताया कि पहले चरण में अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हांसी, हिसार और झज्जर के मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। सहित विभिन्न जिलों के 84 मुख्य प्रशिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्य प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य अनुभवात्मक एवं कौशल-आधारित सीखने के ऐसे मार्ग विकसित करना है जो विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन में सक्षम बनाएं और मुख्य प्रशिक्षक इस दृष्टिकोण को प्रत्येक कक्षा तक पहुंचाने में मुख्य कड़ी हैं। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, पंचकूला के राज्य परियोजना निदेशक स्वप्निल रवींद्र पाटिल के मार्गदर्शन तथा एनएसक्यूएफ परियोजना समन्वयक मीनू दहिया के समन्वय में इस योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। मीनू दहिया ने बताया कि केबीसी 3.0 के माध्यम से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में समस्या समाधान, रचनात्मकता, समूह कार्य और निर्णय लेने की क्षमता का विकास किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 'उद्यम शिक्षण संस्थान' तकनीकी साझेदार के रूप में विश्वविद्यालय के साथ मिलकर प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने में सचिन अग्रवाल, हिना, जितेंद्र, रजनी तथा अनुज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता ने इस आयोजन के लिए कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार, कुलसचिव सुमन वशिष्ठ और अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफ़ेसर विक्रम सिंह का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय कौशल-आधारित शिक्षा के जरिए युवाओं को रोजगार तलाशने वालों की जगह रोजगार सृजक बनाने के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है।

About The Author
संबंधित समाचार



