Nuh Nes: एक गांव के तीन नाम, हर विभाग में अलग पहचान, आखिर कब होगा समाधान
नूँह जिले के एक गांव, लेकिन सरकारी रिकार्ड में तीन अलग - अलग नाम। करीब 24 वर्षों से चली आ रही इस विसंगति के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का वास्तविक नाम इलाहाबाद है, लेकिन अलग - अलग सरकारी विभागों के रिकार्ड में इसकी पहचान अलग - अलग दर्ज है। शिक्षा विभाग में गांव का नाम अल्लाहबास, राजस्व विभाग में इलाहाबाद और पंचायत विभाग में लाहाबास दर्ज है। स्थानीय स्तर पर भी गांव को अधिकतर लोग लाहाबास के नाम से पुकारते हैं।
नूँह: नूँह जिले के एक गांव, लेकिन सरकारी रिकार्ड में तीन अलग - अलग नाम। करीब 24 वर्षों से चली आ रही इस विसंगति के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का वास्तविक नाम इलाहाबाद है, लेकिन अलग - अलग सरकारी विभागों के रिकार्ड में इसकी पहचान अलग - अलग दर्ज है। शिक्षा विभाग में गांव का नाम अल्लाहबास, राजस्व विभाग में इलाहाबाद और पंचायत विभाग में लाहाबास दर्ज है। स्थानीय स्तर पर भी गांव को अधिकतर लोग लाहाबास के नाम से पुकारते हैं।
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पूर्व जिला पार्षद यूनुस अल्वी ,साकिर हुसैन और सुनीता ने बताया कि गांव के नाम में एकरूपता नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी युवाओं को होती है। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने, दस्तावेज सत्यापन कराने या जिले से बाहर इंटरव्यू देने के दौरान उन्हें अपने पते को लेकर स्पष्टीकरण देना पड़ता है। एक ही गांव के अलग - अलग नाम होने से कई बार दस्तावेजों का मिलान कराने में भी दिक्कत आती है।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या वर्ष 2002 से चली आ रही है। हैरानी की बात यह है कि सरकारी रिकार्ड में नाम अलग - अलग दर्ज होने के बावजूद जीपीएस लोकेशन और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गांव का नाम इलाहाबाद दिखाई देता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने गांव के नाम को एक करने की मांग रखी, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी सरकारी विभागों के रिकार्ड की जांच कर गांव का एक ही अधिकृत नाम दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को दस्तावेजों और पहचान से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उधर, हल्का पटवारी शहीद ने बताया कि राजस्व रिकार्ड में गांव का नाम इलाहाबाद दर्ज है। वहीं स्कूल शिक्षक साकिर हुसैन ने बताया कि शिक्षा विभाग के रिकार्ड में गांव का नाम अल्लाहबास दर्ज है। जब इस बारे में उपायुक्त अखिल कुमार पिलानी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में मीडिया के माध्यम से आया है, जल्दी इस मामले में कोई उचित कार्रवाई की जाएगी और गांव को एक नाम से पहचान दिलाई जाएगी।




