Nuh News: प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत नूंह में 90 लाभार्थियों के लिए 45 लाख रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन एवं कन्वर्जेन्स समिति की बैठक आयोजित
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन एवं कन्वर्जेन्स समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण तथा अन्त्योदय (सेवा) विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नूंह जिले से संबंधित विभिन्न आय सृजन परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
नूंह: अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन एवं कन्वर्जेन्स समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण तथा अन्त्योदय (सेवा) विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नूंह जिले से संबंधित विभिन्न आय सृजन परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार एवं आय सृजन के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित कुल 10 परियोजनाओं को समिति के समक्ष रखा गया।
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने कहा कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा पात्र लाभार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत चयनित एवं पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार योजनाओं का लाभ उपलब्ध करवाया जाए तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नूंह जिले में प्रस्तावित इन 10 आय सृजन परियोजनाओं के माध्यम से कुल 90 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है तथा इन परियोजनाओं के लिए कुल 45 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों को विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में मल्टी-पर्पज कमर्शियल व्हीकल सर्विस से संबंधित परियोजना के लिए 10 लाभार्थियों को 5 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित है। इसी प्रकार आधुनिक तकनीक आधारित एआई कंटेंट क्रिएशन, वेबसाइट डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन, वीडियो डिजाइन, वीडियो एडिटिंग तथा कंप्यूटर रिपेयर से संबंधित परियोजना के लिए 25 लाभार्थियों को 12 लाख 50 हजार रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है। रेडीमेड गारमेंट्स, ब्राइडल-ग्रूम क्लॉथ एवं क्लॉथ शॉप से संबंधित परियोजना के तहत 10 लाभार्थियों के लिए 5 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित है। स्टील एवं वुड वर्क से संबंधित परियोजना के लिए 5 लाभार्थियों को 2 लाख 50 हजार रुपये, बुटीक एवं टेलरिंग वर्क के लिए 5 लाभार्थियों को 2 लाख 50 हजार रुपये तथा सैलून एवं ब्यूटी पार्लर से संबंधित परियोजना के लिए 10 लाभार्थियों को 5 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा कार्ड एवं फ्लेक्स प्रिंटिंग आर्ट परियोजना के लिए 5 लाभार्थियों को 2 लाख 50 हजार रुपये, होम बेस्ड फूड बिजनेस के लिए 5 लाभार्थियों को 2 लाख 50 हजार रुपये, किराना स्टोर के लिए 10 लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तथा होम डेकोर उत्पादों के निर्माण एवं ट्रेडिंग से संबंधित परियोजना के लिए 5 लाभार्थियों को 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है।
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सेवा क्षेत्र, व्यापार, हस्तशिल्प एवं स्वरोजगार से जुड़ी इन गतिविधियों के माध्यम से लाभार्थियों को अपनी आजीविका का स्थायी साधन विकसित करने में सहायता मिलेगी। विशेष रूप से डिजिटल एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं से युवाओं को आधुनिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं सिलाई-कढ़ाई, बुटीक, सैलून, खाद्य व्यवसाय, किराना स्टोर, वुड वर्क तथा होम डेकोर जैसी गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत परियोजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे तथा लाभार्थियों को परियोजना शुरू करने से लेकर उसके सफल संचालन तक आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने के साथ-साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं एवं विभागीय सुविधाओं की जानकारी भी दी जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत आय सृजन गतिविधियों को बढ़ावा देकर पात्र लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए योजना के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर समिति के संबंधित सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे ।




