Gurugram News: बिटकॉइन निवेश के नाम पर ₹4.72 करोड़ की ठगी, बैंक खाता मुहैया कराने वाला आरोपी गिरफ्तार
बिटकॉइन और यूएसडीटी में निवेश के जरिए मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 4 करोड़ 72 लाख 14 हजार 181 रुपये की साइबर ठगी के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के इटावा से गिरफ्तार किया है।
गुरुग्राम: बिटकॉइन और यूएसडीटी में निवेश के जरिए मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 4 करोड़ 72 लाख 14 हजार 181 रुपये की साइबर ठगी के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के इटावा से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की शिकायत 15 जनवरी 2026 को साइबर अपराध दक्षिण थाना, गुरुग्राम में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता से Telegram और व्हाट्सप के जरिए संपर्क कर उसे बिटकॉइन/यूएसडीटी वैश्विक व्यापार प्लैटफ़ॉर्म पर निवेश के लिए तैयार किया गया। इसके बाद एक ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट पर उसका खाता खुलवाया गया। शुरुआत में खाते में मुनाफा दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता गया और बाद में अधिक रिटर्न का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 4.72 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा करवा ली गई।
जब शिकायतकर्ता ने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो कथित ऑनलाइन कस्टमर सर्विस ने निकासी रोक दी। इसके बाद ट्रेडिंग अकाउंट को दोबारा सक्रिय करने के नाम पर उससे 1.25 करोड़ रुपये और जमा करने की मांग की गई। इसके बाद शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।
बैंक खाते की कई बार हुई खरीद-फरोख्त: साइबर क्राइम यूनिट ने तकनीकी जांच और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपी आशीष प्रताप, निवासी बदनपुर, मैनपुरी और वर्तमान निवासी इटावा, को 18 अगस्त को शकुंतला नगर, इटावा से पकड़ा।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब 15 लाख रुपये नेत्रपाल के बैंक खाते में पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, नेत्रपाल ने यह खाता 1 लाख रुपये में संतोष को दिया था। संतोष ने इसे आगे आशीष को 2 लाख रुपये में उपलब्ध कराया। इसके बाद आशीष ने वही खाता साइबर ठगी में शामिल लोगों को 3 लाख रुपये में दे दिया। इस खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम हासिल करने के लिए किया गया।
पुलिस ने आरोपी को 19 अगस्त को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फिलहाल जांच टीम आरोपी से बैंक खाते के जरिए हुए लेन-देन, ठगी की रकम के प्रवाह और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।




