Chandigarh News: एसआईआर कार्य में लगे शिक्षकों पर अनावश्यक दवाब के विरोध में 22 जून को टीचर करेंगे जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन : अध्यापक संघ
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह,महासचिव रामपाल शर्मा, कैशियर संजीव सिंगला,वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह,उपमहासचिव कृष्ण नैन, संगठन सचिव सुख दर्शन सरोहा, प्रैस प्रवक्ता निशा व कार्यालय सचिव सत्यनारायण यादव ने सयुक्त प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में चल रहा गहन पुनः निरीक्षण (SIR) का कार्य जहां शिक्षा व्यवस्था के लिए आघात का कार्य कर रहा है, वहीं इसमें लगे शिक्षकों / कर्मचारियों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है।
चंडीगढ़: हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह,महासचिव रामपाल शर्मा, कैशियर संजीव सिंगला,वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह,उपमहासचिव कृष्ण नैन, संगठन सचिव सुख दर्शन सरोहा, प्रैस प्रवक्ता निशा व कार्यालय सचिव सत्यनारायण यादव ने सयुक्त प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में चल रहा गहन पुनः निरीक्षण (SIR) का कार्य जहां शिक्षा व्यवस्था के लिए आघात का कार्य कर रहा है, वहीं इसमें लगे शिक्षकों / कर्मचारियों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है। इस कार्य मे चूंकि ज्यादातर अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है, इस कारण बहुत से स्कूल लगभग खाली हो जाते हैं। एसआईआर के गणना प्रपत्र भरने के लिए एक महीने का समय दिया गया है, लेकिन यह अवधि बहुत ही कम है और एक महीने का समय होने के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। संघ के महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि चार पांच दिन में ही सभी गणना प्रपत्र बांटने का टारगेट दिया जा रहा है और दिन में दो बार गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्ट मांगी जा रही है। अधिकतर मतदाता गणना प्रपत्र स्वयं नहीं भर सकते यदि भरेंगे तो गलतियां करेंगे। इसलिए यह सारा कार्य बीएलओ को ही करना पड़ रहा है। बिना किसी सहायक के लिए बीएलओ के लिए अकेले यह काम करना अत्यंत कठिन है। बीएलओ की सहायता के लिए कोई तकनीकी कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार स्कूल प्रिंसिपल, पीजीटी व टीजीटी को सुपरवाइजर एवं कंट्रोल रूम में नोडल बनाकर स्कूलों / विद्यार्थियों से दूर किया जा रहा है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान प्रभु सिंह ने बताया कि नोडल ऑफिसर को हजारों फार्म ऑनलाइन व ऑफलाइन चैक करके मिलान करने के टारगेट दिए जा रहें हैं। बीएलओ पर अनावश्यक दबाव के चलते आत्महत्या जैसी बहुत से अमानवीय उदाहरण अन्य राज्यों में पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस कार्य के लिए समय अवधि बढ़ाने के साथ ही इस कार्य के लिए अलग से सक्षम बेरोजगार युवाओं को लगाने की जरूरत है ताकि उनको काम भी मिले और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि इस तरह के थोपे जा रहे गैर शैक्षणिक कार्य को लेकर शिक्षकों एवं स्कूल मुखियाओं पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ 22 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगा।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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