New Delhi/Chandigarh News: सदनों में व्यवधान लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती, जनविश्वास बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी : लोक सभा अध्यक्ष
चंडीगढ़ में CPA नॉर्थ ज़ोन सम्मेलन चार संकल्पों के साथ संपन्न; जनभागीदारी, विधायकों की क्षमता निर्माण, तकनीक व AI के उपयोग और विधायी निगरानी पर बल दिया गया
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) का द्वितीय सम्मेलन, जिसका उद्घाटन कल लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला द्वारा किया गया था, आज हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के समापन संबोधन के साथ संपन्न हुआ।
नई दिल्ली / चंडीगढ़, 09 जून 2026: कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) का द्वितीय सम्मेलन, जिसका उद्घाटन कल लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला द्वारा किया गया था, आज हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के समापन संबोधन के साथ संपन्न हुआ।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि सदनों का बार-बार बाधित होना और व्यवधान उत्पन्न होना लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस समस्या का समाधान विधायी संस्थाओं के भीतर जनअपेक्षाओं के अनुरूप आचरण, संवाद और सार्थक चर्चा को बढ़ावा देने में निहित है। जनता का विश्वास मजबूत करना आज सभी जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि विधायी संस्थानों में उनका आचरण अनुकरणीय होना चाहिए, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण सुनिश्चित किया जा सके। श्री बिरला ने कहा, "जैसा नेतृत्व का आचरण और व्यवहार होता है, वैसा ही समाज बनता है। जनता ने हमें चुनकर भेजा है, इसलिए हमारे आचरण का सीधा प्रभाव समाज पर पड़ता है।" उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी विधायक अपने-अपने राज्यों और संस्थाओं में इन संकल्पों को आत्मसात कर आगे बढ़ेंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए जनप्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं ने यहाँ अपने अनुभव, दृष्टिकोण और नवाचार साझा किए। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन चार महत्वपूर्ण संकल्पों के साथ संपन्न हुआ है, जिनका उद्देश्य विधायी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना मजबूत संसदीय और विधायी संस्थाओं पर ही आधारित है। इसके लिए जनभागीदारी बढ़ाना, तकनीक का अधिकतम उपयोग, विधायकों का क्षमता संवर्धन, नीतियों एवं कानूनों के निर्माण में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करना तथा संविधान एवं संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि सम्मेलन में पारित सभी संकल्प भविष्य की एक मजबूत नींव हैं, जिनके माध्यम से देश की विधायी और लोकतांत्रिक संस्थाएँ जनता के सहयोग से आगे बढ़ेंगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा उद्देश्य एक ऐसे सहभागी लोकतंत्र का निर्माण करना है, जिसमें राज्यों के विकास को विशेष महत्व दिया जाए, क्योंकि राज्यों के समग्र विकास से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। भारत के संघीय ढांचे में राज्य और केंद्र मिलकर ही योजनाओं, कानूनों और नीतियों के माध्यम से लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज नए दृष्टिकोण और नए विचारों के साथ परिवर्तन लाना समय की मांग है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि सम्मेलन में लगभग 40 वक्ताओं ने इस दिशा में सार्थक सुझाव दिए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि हम इन विचारों पर तत्परता से कार्य प्रारंभ करते हैं, तो देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता की भागीदारी और विश्वास दोनों में वृद्धि होगी।
श्री बिरला ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है और हमें युवाओं, महिलाओं तथा समाज के सभी वर्गों की आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, विद्यार्थी जीवन से ही संविधान और कर्तव्यबोध के प्रति जागरूकता विकसित करने तथा राज्यों के विकास को राष्ट्रीय विकास का आधार बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सम्मेलन से प्राप्त नए विचार और संकल्प विकसित भारत के निर्माण में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेंगे।
इस दो दिवसीय CPA इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) कॉन्फ्रेंस में देश के 12 राज्यों की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें सीपीए ज़ोन–II के सदस्य राज्यों—हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली—के अतिरिक्त मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, सिक्किम और पश्चिम बंगाल जैसी अन्य राज्य विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों ने भी सहभागिता की।
इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश और हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण ने भी अपने विचार व्यक्त किए। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्ढा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश और हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण ने भी अपने विचार व्यक्त किए। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्ढा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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