Gurugram news: सीईओ जीएमडीए ने शहर के विभिन्न हिस्सों में किया फील्ड निरीक्षण, मिली खामियां
बसई फ्लाईओवर के नीचे डी-सिल्टिंग कार्य में लापरवाही, सेक्टर-17 एयरफोर्स स्टेशन के सामने लंबित ड्रेन परियोजना में देरी
शहर को समस्याओं से निजात के लिए नियुक्त एजेंसियां किस कदर अपनी मनमर्जियां कर रही है, इसका जीता जागता उदाहरण गुरुग्राम है। यहां एजेंसियां उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश भी ठेंगे पर रखी रही है। चल रहे डी-सिल्टिंग एवं जलनिकासी कार्यों का निरीक्षण कर मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे तो उन्हें एजेंसियों की ओर से अनेक खामियां मिली।
गुरुग्राम: शहर को समस्याओं से निजात के लिए नियुक्त एजेंसियां किस कदर अपनी मनमर्जियां कर रही है, इसका जीता जागता उदाहरण गुरुग्राम है। यहां एजेंसियां उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश भी ठेंगे पर रखी रही है। गुरुवार को जब गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. सी. मीणा शहर के विभिन्न जलभराव संभावित स्थलों, ड्रेनेज नेटवर्क तथा चल रहे डी-सिल्टिंग एवं जलनिकासी कार्यों का निरीक्षण कर मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे तो उन्हें एजेंसियों की ओर से अनेक खामियां मिली।
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निरीक्षण के दौरान बसई फ्लाईओवर के नीचे किए जा रहे डी-सिल्टिंग कार्यों की समीक्षा के समय यह पाया गया कि संबंधित एजेंसी द्वारा ड्रेन से निकाली गई सिल्ट एवं मिट्टी को निर्धारित स्थल पर ले जाने के बजाय ड्रेन के किनारे ही छोड़ दिया गया था। सीईओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि इससे पुनः सिल्ट ड्रेन में जमा होकर जलनिकासी क्षमता प्रभावित हो सकती है। इस पर उन्होंने संबंधित एजेंसी के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
सेक्टर-17 स्थित एयरफोर्स स्टेशन के सामने निर्माणाधीन ड्रेन कार्य के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संबंधित एजेंसी द्वारा कार्य को लंबे समय से लंबित रखा गया है। परियोजना में अनावश्यक देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीईओ ने संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा शेष कार्य को किसी अन्य सक्षम एजेंसी के माध्यम से शीघ्र पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
"हर हाल में 20 जून तक पूरा हो काम": इसके अतिरिक्त, सीईओ जीएमडीए ने सेक्टर-4, सेक्टर-7, सेक्टर-9 एवं लक्ष्मण विहार क्षेत्र का निरीक्षण कर जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे लाइन के समानांतर विकसित की जा रही कच्ची ड्रेन का कार्य 20 जून तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस ड्रेन के पूर्ण होने से इन क्षेत्रों से वर्षा जल की निकासी में सुधार होगा तथा सेक्टर-4, सेक्टर-7, सेक्टर-9 और लक्ष्मण विहार में जलभराव की समस्या से प्रभावी राहत मिलेगी।
यहां भी लिया जायजा: सीईओ जीएमडीए ने सीआरपीएफ चौक, सीतला माता रोड तथा पालम विहार रोड का भी निरीक्षण कर मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में जलभराव संभावित बिंदुओं की पहचान कर सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्य समय रहते पूरे किए जाएं। साथ ही ड्रेनेज नेटवर्क, वर्षा जल निकासी व्यवस्था एवं पंपिंग व्यवस्थाओं को पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान यातायात बाधित न हो और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न पंपिंग व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पंपों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग एवं एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं : मीणा:- पी. सी. मीणा ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी अथवा गुणवत्ता में कमी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखने तथा सभी ड्रेनेज एवं जलनिकासी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएमडीए द्वारा शहर के प्रमुख जलभराव संभावित स्थलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और मानसून के दौरान नागरिकों को अधिकतम राहत प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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