ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन (एआईडीवाईओ) समेत सामाजिक संगठनों की पहल पर नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में सीबीएसई परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग
रेवाड़ी। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन (एआईडीवाईओ) समेत सामाजिक संगठनों की पहल पर नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में सीबीएसई परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के खाली पदों को तुरंत भरने, कॉकरोच जनता पार्टी पर अंकुश लगाने, रोजगार को संविधान में मौलिक अधिकार बनाने जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं ने नाराजगी के आलम में नगर की ब्रास मार्केट में विरोध प्रदर्शन किया। विरोध जुलूस निकालते युवा।
प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा रद्द होने की वजह से आहत परीक्षार्थियों और मौत के मुंह में जाने वाले तमाम दिवंगत बेटे बेटियों को सैकड़ों नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शन का नेतृत्व अजय सिंह, सुरेंद्र कुमार रोहिल्ला, सोमेंद्र ने किया। मुख्य रूप से कॉमरेड राजेंद्र सिंह, खेमचंद, हेमंत पिलानी, हरिओम, संजय शर्मा, कैलाश चंद, धर्मबीर बुलडोदिया, राजकुमार जलवा, गोविंद, संदीप, प्रदीप, सूबे सिंह, करतार सिंह, संतोष, सुमन देवी और रणबीर सिंह ने अपना वक्तव्य रखा।
वक्ताओं ने कहा कि आज देश और प्रदेश का छात्र और युवा दुखी और परेशान है। उनके जीवन को बर्बाद किया जा रहा है। छात्र युवाओं को उनकी मेहनत का फल नहीं मिलता। साजिश पूर्ण तरीके से उनके करियर को चौपट किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बेरोजगारी इस कदर है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को चतुर्थ श्रेणी की नौकरी भी नहीं मिल रही है। भारत में बड़े पैमाने पर युवा डिप्रेशन के शिकार होकर आत्महत्या कर रहे है। इसकी जिम्मवार केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियां है।
वक्ताओं ने कहा कि इस बेरोजगारी का मूल कारण पूंजीवादी व्यवस्था है। इस व्यवस्था से सवाल करने की बजाय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच एवं परजीवी कहते हैं, तो यह मामला और गंभीर हो जाता है। उन्होंने फैसला लिया कि इन जायज मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। एआईडीवाईओ ने जनता से अपील की कि युवाओं के भविष्य बचाने के लिए आगे आए।