Gurugram news: फॉरेन करेंसी एक्सचेंज के नाम पर ठगी
20 हजार डालर और 3000 ब्रिटिश पाउंड लेकर भागा बीटेक इंजीनियर गिरफ्तार
विदेशी मुद्रा (फॉरेन करेंसी) एक्सचेंज के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सेक्टर-50 थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने इस मामले में हिसार से बीटेक पास एक युवक को गिरफ्तार किया है।
गुरुग्राम: विदेशी मुद्रा (फॉरेन करेंसी) एक्सचेंज के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सेक्टर-50 थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने इस मामले में हिसार से बीटेक पास एक युवक को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित, जो खुद विदेशी मुद्रा का कारोबार करता है, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2 फरवरी को उसे व्हाट्सएप पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने उसे डॉलर और ब्रिटिश पाउंड बेचने की पेशकश की। झांसे में आकर पीड़ित सेक्टर-50 स्थित यूनिटेक बिजनेस जोन पहुंचा। पीड़ित के अनुसार, वहां मौजूद अभिषेक नाम के एक व्यक्ति ने उससे 20 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 19 लाख रुपए) और 3 हजार ब्रिटिश पाउंड (करीब 3.81 लाख रुपए) ले लिए। इसके बाद आरोपी भुगतान करने का बहाना बनाकर मौके से फरार हो गया और अपना फोन बंद कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सिम कार्ड का खेल और ‘ओटीपी’ से हुई कमाई: क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 की टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए इस गिरोह के तार खंगाले। पुलिस ने पाया कि ठगी के लिए जिस व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल किया गया था, उसका सिम कार्ड राकेश नाम के व्यक्ति के नाम पर था। राकेश ने यह सिम विपिन नाम के आरोपी को 1,000 रुपए में बेचा था। गिरफ्तार आरोपी विपिन ने पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसने सिम अपने फोन में डालकर उसका ‘व्हाट्सएप ओटीपी’ गिरोह के मुख्य सरगना को दे दिया था। इस एक ओटीपी के बदले उसे सरगना से 50,000 रुपए मिले थे। इसी व्हाट्सएप अकाउंट का उपयोग कर पीड़ित को फंसाया गया था।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राकेश को पहले ही 13 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि हाल ही में बीटेक पास विपिन को हिसार से पकड़ा गया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी विपिन को अदालत में पेश कर 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ विदेशी मुद्रा का लेन-देन करते समय पूरी सावधानी बरतें और केवल अधिकृत डीलर या एक्सचेंज से ही संपर्क करें।




