Gurugram News: बैंकों को एडीसी की दो टूक स्वरोजगार के लिए लोन अटकाया तो होगी कार्रवाई
गुरुग्राम में प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण वितरण ने पकड़ी रफ्तार, 17,964 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 32,902 करोड़ की उपलब्धि; एमएसएमई में लक्ष्य का 191.86 फीसदी ऋण वितरण
जिले में स्वरोजगार, कृषि और एमएसएमई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण वितरण में तेजी लाने को लेकर प्रशासन ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं। एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी की बैठक में विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई।
गुरुग्राम: जिले में स्वरोजगार, कृषि और एमएसएमई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण वितरण में तेजी लाने को लेकर प्रशासन ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं। एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी की बैठक में विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई। एडीसी ने लंबित ऋण आवेदनों का समयबद्ध निपटारा करने और पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से ऋण के लिए इंतजार न कराने के निर्देश दिए।

बैठक में बैंकों के ऋण-जमा अनुपात के साथ राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, हरियाणा महिला विकास निगम, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीकेसीसी, प्रधानमंत्री स्वनिधि, पीएम मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि सरकार की स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र आवेदनों की जांच और स्वीकृति में अनावश्यक देरी न हो तथा स्वीकृत ऋण का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि, व्यापार और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के लिए जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता और ऋण शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें। एडीसी ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि सरकारी योजनाओं के लंबित मामलों का समय पर निपटारा नहीं करने या निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
88 नई शाखाएं खुलीं, जिले में अब 1025 बैंक शाखाएं: अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) विनोद कुमार बजाज ने बैठक में बैंकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025 के जून माह की तुलना में मौजूदा वित्त वर्ष के जून माह के अंत तक जिले में 88 नई बैंक शाखाएं खोली गई हैं। इसके साथ ही गुरुग्राम जिले में विभिन्न बैंकों की कुल 1025 शाखाएं बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
प्राथमिकता क्षेत्र में लक्ष्य से 83 फीसदी अधिक ऋण:
वार्षिक ऋण योजना 2026-27 के तहत 30 जून 2026 तक प्राथमिकता क्षेत्र में 17,964 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 32,902 करोड़ रुपये के ऋण वितरण की उपलब्धि दर्ज की गई। यह निर्धारित लक्ष्य का 183.16 प्रतिशत है।
कृषि क्षेत्र में 1,265 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1,543 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, जो लक्ष्य का 122.01 प्रतिशत है। वहीं एमएसएमई क्षेत्र में 16,150 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 30,986 करोड़ रुपये का ऋण वितरण हुआ, जो लक्ष्य का 191.86 प्रतिशत है। हालांकि अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में 782 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 373 करोड़ रुपये की उपलब्धि रही, जो 47.72 प्रतिशत है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वित्त वर्ष 2026 के लिए 500 ऋण आवेदनों का लक्ष्य रखा गया है। जून के अंत तक 235 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि सात आवेदन स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।
90 जागरूकता कार्यक्रम, 5640 लोगों ने लिया हिस्सा:
एलडीएम ने बताया कि जिले के नागरिकों को वित्तीय योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के लिए 30 जून तक 90 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 5,640 लोगों ने भाग लिया। रुडसेट संस्थान की ओर से आठ विभिन्न स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत 244 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिले में प्राप्त 1,727 आवेदनों में से 198 को स्वीकृति दी गई है, जबकि 546 लाभार्थियों को सब्सिडी राशि वितरित की जा चुकी है। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में 107 ऋण आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 35 स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 70 आवेदन लंबित बताए गए। बैठक में आरबीआई के लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर यश भारद्वाज, केनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय के एजीएम तिम्मा नायक एम, डीडीएम गुरुग्राम मयंक प्रताप सिंह सहित विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




