Gurugram News: बिजली निगम की लापरवाही पड़ सकती है जान पर भारी
अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लोगों को दी जा रही बचाव की नसीहत
"खुद मियां फजीहत, दूसरों को नसीहत" ये कहावत बिजली निगम पर सटीक बैठ रही है। निगम अपनी जिम्मेदारी सलीके से नहीं निभा पा रहा लेकिन लोगों को बारिश में बिजली के खतरे से सावधान रहने को आगाह कर रहा है। खबर के साथ लगी तस्वीरों से बिजली निगम की लापरवाही की पराकाष्ठा देखी जा सकती है। यह तस्वीरें शहर के प्रबुद्ध नागरिक और मशहूर चिकित्सक डॉ अशोक तनेजा ने अपने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर साझा की है।
गुरुग्राम: "खुद मियां फजीहत, दूसरों को नसीहत" ये कहावत बिजली निगम पर सटीक बैठ रही है। निगम अपनी जिम्मेदारी सलीके से नहीं निभा पा रहा लेकिन लोगों को बारिश में बिजली के खतरे से सावधान रहने को आगाह कर रहा है। खबर के साथ लगी तस्वीरों से बिजली निगम की लापरवाही की पराकाष्ठा देखी जा सकती है। यह तस्वीरें शहर के प्रबुद्ध नागरिक और मशहूर चिकित्सक डॉ अशोक तनेजा ने अपने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर साझा की है। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह की लापरवाही हो रही है। यह हाल शहर के एक जगह या एक हिस्से में नहीं, कई स्थानों पर ऐसे नजारे आम हैं। तस्वीरें साफ बयां कर रही है कि बिजली निगम प्रशासन पिछले हादसों से शायद ही कोई सबक लेता है।

पिछले दो वर्षों में तेज बारिश में बिजली के खंभे में आए करंट की वजह से बड़े हादसे हुए हैं जिनमें कई जानें गई हैं। मौत हो गई थी। खंभों से बिजली के मीटर जमीन छूते हुए लटके हुए हैं। ये बड़े हादसों को न्यौता दे रहे हैं। ये तस्वीरें शहर की पुरानी पॉश न्यू कॉलोनी (आउटर रोड, एम.एम. रेजिडेंसी के पास) की है। यहां एक बहुत बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन गहरी नींद में सोए हुए हैं।
निर्माणाधीन या नए लगाए गए बिजली के खंभे को लगे हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन घोर लापरवाही देखिए, बिजली के मीटर खुले में पानी में डूबे हुए हैं। यह स्थिति किसी भी दिन मासूम नागरिकों की जान के लिए काल बन सकती है और बड़ा करंट फैला सकती है।
बिजली निगम की अपील हास्यास्पद: प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार बारिश के मौसम में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने उपभोक्ताओं एवं आमजन से विशेष सावधानी बरतने और विद्युत लाइनों एवं उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
डीएचबीवीएन एवं यूएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने कहा है कि बिजली की लाइनें और विद्युत उपकरण अत्यंत संवेदनशील होते हैं तथा थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों से बारिश के दौरान बिजली के तारों, खंभों, ट्रांसफार्मरों और मीटर बॉक्स के आसपास विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। साथ ही, किसी भी प्रकार की बिजली संबंधी समस्या अथवा संभावित खतरे की सूचना तत्काल बिजली निगम को देने की अपील की गई है।
टूटे या झुके तारों से रहें दूर: बिजली निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ हो या ढीला होकर लटक रहा हो, तो उसके पास बिल्कुल न जाएं और न ही उसे छड़ी, डंडे या किसी अन्य वस्तु से हटाने का प्रयास करें। बारिश के कारण जमीन गीली होने पर विद्युत करंट फैलने का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। निगम ने पेड़ों, बिजली के खंभों और बिजली की लाइनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। विशेष रूप से तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों की शाखाओं के बिजली की लाइनों पर गिरने की संभावना रहती है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें: बारिश के दौरान जिन स्थानों पर पानी भर गया हो, वहां बिजली के खंभों, तारों अथवा अन्य विद्युत उपकरणों के आसपास जाने से बचना चाहिए। निगम ने लोगों से पानी से भरे स्थानों, गीले फर्श तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। इसी प्रकार, बारिश के दौरान बिजली के खंभों, मीटर बॉक्स अथवा ट्रांसफार्मर को छूने से भी बचना चाहिए।
बिजली संबंधी समस्या की तुरंत दें सूचना: प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि बिजली संबंधी आपातकालीन सहायता एवं शिकायत के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1912 तथा 1800-180-4334 पर संपर्क किया जा सकता है। संभावित विद्युत खतरे की सूचना. फोटो, वीडियो, गूगल लोकेशन अथवा निकटतम लैंडमार्क सहित व्हाट्सएप नंबर 9050960500 पर दे सकते हैं।




