Gurugram News: गुरुग्राम में सड़क-सीवर-ड्रेनेज के कामों को रफ्तार, राव नरबीर ने तय समय में गुणवत्ता से काम के दिए निर्देश
एमसीजी की समीक्षा बैठक में 366 करोड़ से अधिक के वार्ड-1 से 18 तक के कार्यों की समीक्षा, जलभराव रोकने के लिए रोड और मैनहोल लेवलिंग पर जोर
शहर में चल रहे सड़क, सीवर, ड्रेनेज और जलापूर्ति के विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने को लेकर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शनिवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता, समयसीमा और उपयोगिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
गुरुग्राम: शहर में चल रहे सड़क, सीवर, ड्रेनेज और जलापूर्ति के विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने को लेकर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शनिवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता, समयसीमा और उपयोगिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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बैठक में अधिकारियों ने नगर निगम क्षेत्र में चल रहे, पूरे हो चुके और प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी। वार्ड-1 से 18 तक सड़क, सीवर, ड्रेनेज, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों की कुल लागत 366.40 करोड़ रुपये बताई गई।
सड़क का लेवल बिगड़ा तो जलभराव की समस्या: राव नरबीर सिंह ने सड़क निर्माण में लेवलिंग को लेकर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क का स्तर आसपास के क्षेत्र और ड्रेनेज व्यवस्था के अनुरूप होना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान पानी सड़क पर जमा न हो। उन्होंने सीवर मेनहोल के ढक्कनों को भी सड़क के लेवल के बराबर रखने के निर्देश दिए, जिससे ऊंचे-नीचे मैनहोल से होने वाली परेशानी और जल निकासी में बाधा को रोका जा सके।
करोड़ों की ड्रेनेज परियोजनाएं निर्माणाधीन: बैठक में जलभराव से निपटने के लिए चल रही कई परियोजनाओं की समीक्षा की गई। वार्ड-9 में यूरो स्कूल से जीएमडीए बस स्टैंड और बसई रोड से अल्पाइन स्कूल होते हुए कृष्णा नगर तक 4.22 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण चल रहा है। इसे 16 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी वार्ड में उमंग भारद्वाज चौक से गाडोली पुलिया तक ड्रेन की सफाई, डी-सिल्टिंग और पाइप ड्रेन को बॉक्स ड्रेन में बदलने का काम 1.69 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। वार्ड-16 में उप्पल साउथएंड क्षेत्र की आंतरिक ड्रेनों को मास्टर ड्रेन से जोड़ने और वेगा स्कूल से मास्टर ड्रेन तक आरसीसी बॉक्स ड्रेन बनाने पर 1.80 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
वार्ड-8 में सेक्टर-9 की स्टॉर्म वाटर ड्रेन के लिए 7.41 करोड़ रुपये और सेक्टर-9ए के स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल कार्य के लिए 5.16 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। दोनों को 10 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वार्ड-4 में रेजांगला रोड से बजघेड़ा रेलवे फ्लाईओवर तक और सेक्टर-23 से एच-ब्लॉक वाटर बूस्टर तक स्टॉर्म वाटर ड्रेन के कार्य भी जारी हैं।
मॉडल रोड पर भी करोड़ों का खर्च: वार्ड-15 में बानी स्क्वायर मार्केट से साउथ सिटी-2 तक 1.83 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी मॉडल रोड, फुटपाथ और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज का काम चल रहा है। इसे 25 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। साउथ सिटी-2 से निर्वाणा कंट्री मुख्य सड़क तक मॉडल रोड के पुनर्निर्माण पर 4.56 करोड़ रुपये, जबकि एस्पायर रोड से बानी स्क्वायर रोड तक मुख्य मार्ग के पुनर्निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इन दोनों परियोजनाओं की समयसीमा जनवरी और फरवरी 2027 निर्धारित की गई है।
गांवों में सीवर और पानी की परियोजनाएं: ग्रामीण क्षेत्रों में भी बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की समीक्षा हुई। धनकोट के नव-विस्तारित क्षेत्र में करीब 8 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सीवरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। पलड़ा में जलापूर्ति से जुड़े कार्य पर 1.97 करोड़ रुपये और सीवर लाइन व सड़क बहाली पर 1.32 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। बेगमपुर खटौला में 2 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण 6.94 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसका ट्रायल रन 31 दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
आरएमसी प्लांट और अतिक्रमण पर भी सख्ती: मंत्री ने नगर निगम सीमा में संचालित आरएमसी प्लांटों को बाहर करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में नूरपुर मोड़ से अकलिमपुर तक आरएमसी सड़क को भारी वाहनों और सड़क पर गिरने वाली आरएमसी सामग्री से हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठा। इस संबंध में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई के लिए अनुरोध किए जाने की जानकारी दी गई। धनकोट मुख्य सड़क के निर्माण से पहले अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि अतिक्रमण हटाए बिना निर्माण शुरू करने से सड़क की निर्धारित चौड़ाई और डिजाइन प्रभावित हो सकते हैं।
जमीन की उपलब्धता भी बनी मुद्दा: भविष्य की जनसुविधाओं के लिए भूमि की उपलब्धता पर भी बैठक में चर्चा हुई। कम्युनिटी सेंटर, एसटीपी, बूस्टिंग स्टेशन, डिस्पेंसरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और श्मशान घाट सहित विभिन्न सुविधाओं के लिए आवश्यक जमीन की स्थिति की जानकारी ली गई। राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को सड़क और ड्रेनेज जैसे जुड़े हुए कार्यों में आपसी समन्वय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक परियोजना पूरी होने के बाद दूसरी परियोजना के लिए दोबारा सड़क खोदने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारी मौजूद रहे।




