Gurugram News: द्वारका एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का कहर, चार मजदूरों को कुचला

कार चालक भी घायल, वर्क-जोन की सुरक्षा पर सवाल

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द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास बुधवार देर रात तेज रफ्तार कार ने डिवाइडर पर ग्रिल लगाने का काम कर रहे चार मजदूरों को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद कार ग्रिल तोड़ते हुए डिवाइडर पर जा चढ़ी और मजदूर उछलकर काफी दूर जा गिरे। हादसे में बुलंदशहर निवासी बिजेंद्र और पप्पू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सतीश चंद और राम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। 

गुरुग्राम: द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास बुधवार देर रात तेज रफ्तार कार ने डिवाइडर पर ग्रिल लगाने का काम कर रहे चार मजदूरों को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद कार ग्रिल तोड़ते हुए डिवाइडर पर जा चढ़ी और मजदूर उछलकर काफी दूर जा गिरे। हादसे में बुलंदशहर निवासी बिजेंद्र और पप्पू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सतीश चंद और राम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में कार चालक वेदान खन्ना, निवासी इंडियाबुल्स एनिग्मा, सेक्टर-110, भी घायल हुआ है। उसे इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, वेदान दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है।

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पुलिस के मुताबिक, बाजघेड़ा थाना क्षेत्र में निर्माण एवं रखरखाव से जुड़ी कंपनी के कर्मचारी डिवाइडर पर ग्रिल लगाने का काम कर रहे थे। सतीश चंद और राम कुमार ग्रिल पकड़ने का काम कर रहे थे, जबकि बिजेंद्र और पप्पू उसमें स्क्रू कस रहे थे। इसी दौरान दिल्ली की ओर से तेज रफ्तार में आई कार सीधे वर्क-जोन में घुस गई। सतीश और राम कुमार ने बचने के लिए ग्रीन बेल्ट की तरफ छलांग लगाने का प्रयास किया, लेकिन वे भी कार की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ कार को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसे ने द्वारका एक्सप्रेसवे पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस हिस्से में मजदूर काम कर रहे थे, वहां यातायात को रोकने के लिए सड़क बंद नहीं की गई थी। साथ ही तेज रफ्तार वाहनों को काफी पहले से सावधान करने के लिए पर्याप्त रिफ्लेक्टिव लाइट, बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेतक भी नहीं लगाए गए थे। ऐसे में जांच सिर्फ कार चालक की रफ्तार और लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्क-जोन की सुरक्षा व्यवस्था और ठेकेदार की जिम्मेदारी की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस घायलों के बयान दर्ज करने के साथ हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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