Palwal News : एसवीएसयू में प्रश्नपत्र एवं मूल्यांकन पर हुई कार्यशाला
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन एवं प्रायोगिक परीक्षाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। तक्षशिला भवन में आयोजित इस कार्यशाला में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. तुलिका बंसल विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुईं।
पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन एवं प्रायोगिक परीक्षाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। तक्षशिला भवन में आयोजित इस कार्यशाला में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. तुलिका बंसल विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुईं। 
उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रश्न विद्यार्थियों के अपेक्षित अधिगम परिणामों के अनुरूप होने चाहिए। प्रश्नपत्र में स्पष्टता, प्रासंगिकता, कठिनाई के उचित स्तर और प्रश्नों का संतुलित वितरण जरूरी है। उन्होंने ब्लूम्स टैक्सोनॉमी और आरसीईएम पद्धति को उदाहरणों के माध्यम से समझाया और बताया कि अलग-अलग स्तर के प्रश्न विद्यार्थियों की विभिन्न क्षमताओं का आकलन करने में सहायक होते हैं। आईक्यूएसी निदेशक प्रोफेसर एसके सिन्हा ने कहा कि मजबूत परीक्षा प्रणाली के लिए प्रश्नपत्र निर्माण में गुणवत्ता और शैक्षणिक मानकों का पालन आवश्यक है। परीक्षा की गुणवत्ता केवल विद्यार्थियों की तैयारी पर निर्भर नहीं करती, बल्कि प्रश्नपत्र किस तरह तैयार किया गया है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर सिन्हा ने कहा कि एक संतुलित और उद्देश्यपरक प्रश्नपत्र विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनकी समझ, सोचने और समस्या समाधान की क्षमता को भी परखता है।परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश कुमार ने भी ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के विभिन्न स्तरों को उदाहरणों के साथ समझाया। इस अवसर पर प्रबंधन संकाय की डीन प्रोफेसर ज्योति राणा, विभागाध्यक्ष डॉ. सविता शर्मा, डॉ. श्रुति गुप्ता, डॉ. दलीप रैना और डॉ. ऋतु राणा सहित कई अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे।




