Palwal News: अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजना बनी सुरेंदर के परिवार के लिए आर्थिक संबल
दो लाख रुपये के ऋण और 50 हजार रुपये की सब्सिडी से शुरू किया सिलाई एवं कपड़े का व्यवसाय, परिवार हुआ आत्मनिर्भर
सरकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी गांव सहनोली निवासी सुरेंदर पुत्र रतन सिंह की है, जिन्होंने हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की एनएसएफडीसी योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान की है।
Palwal: सरकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी गांव सहनोली निवासी सुरेंदर पुत्र रतन सिंह की है, जिन्होंने हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की एनएसएफडीसी योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान की है। 33 वर्षीय सुरेंदर के परिवार में कुल तीन सदस्य हैं। परिवार की सीमित आय के कारण दैनिक जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान उन्हें हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम पलवल कार्यालय के माध्यम से इस योजना की जानकारी मिली।

दो लाख रुपये के ऋण से शुरू किया स्वरोजगार
सुरेंदर ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में एनएसएफडीसी योजना के तहत सिलाई एवं कपड़े की दुकान स्थापित करने के लिए दो लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इसके साथ ही निगम की ओर से उन्हें 50 हजार रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई। आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने सिलाई एवं कपड़े की दुकान शुरू की। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने व्यवसाय को आगे बढ़ाया और आज यह दुकान उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी है। इस व्यवसाय से प्राप्त आय से वह अपने तीन सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से कर रहे हैं।
सरकारी योजना से बदली परिवार की आर्थिक स्थिति
सुरेंदर का कहना है कि एनएसएफडीसी योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। पहले जहां परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, वहीं अब स्वरोजगार के माध्यम से नियमित आय प्राप्त हो रही है। आज उनका परिवार पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर है। सुरेंदर ने सरकार एवं हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को ऐसी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढऩा चाहिए। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का सही समय पर लाभ लेकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



