Gurugram/Manesar News: अतिक्रमण हटाने पहुंची निगम टीम पर पथराव, दो हफ्ते बाद चार आरोपी काबू
3 सितंबर को बांसकुशला में हुई थी घटना, कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों के घायल होने के बाद दर्ज हुआ था मामला
बांसकुशला में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम मानेसर की टीम पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने करीब दो सप्ताह बाद चार आरोपियों को काबू किया है। 3 सितंबर को हुई इस घटना में निगम कर्मचारियों को चोटें आई थीं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
मानेसर: बांसकुशला में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम मानेसर की टीम पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने करीब दो सप्ताह बाद चार आरोपियों को काबू किया है। 3 सितंबर को हुई इस घटना में निगम कर्मचारियों को चोटें आई थीं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधेश्याम निवासी सनोली, जिला गाजीपुर (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी शंकर की ढाणी, मानेसर; प्रकाश निवासी माधोपुर, जिला बरेली (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी गांव भांगरौला; सूरजपाल निवासी कासमपुर, जिला अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी गांव काकरोला तथा विवेक निवासी तिहरा हेदरपुर, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी शंकर की ढाणी, मानेसर के रूप में हुई है।
कार्रवाई के बीच शुरू हुआ पथराव
3 सितंबर को नगर निगम मानेसर की टीम आईएमटी थाना सेक्टर-7 पुलिस के साथ बांसकुशला पहुंची थी। टीम इलाके में अवैध रूप से लगी कपड़ों, सब्जी और मीट की मार्केट से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने निगम टीम पर पथराव शुरू कर दिया।
अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में निगम के कुछ कर्मचारी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद निगम कर्मचारियों की शिकायत पर आईएमटी थाना सेक्टर-7 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
चार तक पहुंची जांच, बाकी की तलाश
जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को काबू किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पथराव में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
बांसकुशला की यह घटना अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सरकारी टीम की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पथराव अचानक हुआ या इसके पीछे पहले से कोई संगठित विरोध था।

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