ब्लैक मनी के खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का शिकंजा : 800 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन की जांच शुरू
गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड व द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने हुआ ब्लैक मनी का लेनदेन
गुरुग्राम में रियल एस्टेट क्षेत्र में काले धन के निवेश के खिलाफ आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की जांच विंग ने शहर में हुए हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी सौदों को खंगालना शुरू किया है, जिसमें लगभग 800 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं।
गुरुग्राम: गुरुग्राम में रियल एस्टेट क्षेत्र में काले धन के निवेश के खिलाफ आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की जांच विंग ने शहर में हुए हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी सौदों को खंगालना शुरू किया है, जिसमें लगभग 800 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं।
इस कार्रवाई से शहर के बड़े बिल्डरों और रीयल एस्टेट निवेशकों में हड़कंप मच गया है।आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम के पॉश इलाकों और नए विकसित हो रहे गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड व द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर ‘नकद’ का इस्तेमाल किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में संपत्तियों की कीमत कम दिखाई गई, जबकि वास्तविक लेनदेन करोड़ों रुपये अधिक में हुआ।
इस कार्रवाई से शहर के बड़े बिल्डरों और रीयल एस्टेट निवेशकों में हड़कंप मच गया है।आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम के पॉश इलाकों और नए विकसित हो रहे गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड व द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर ‘नकद’ का इस्तेमाल किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में संपत्तियों की कीमत कम दिखाई गई, जबकि वास्तविक लेनदेन करोड़ों रुपये अधिक में हुआ।विभाग ने हाल ही में कुछ बड़े रियल एस्टेट समूहों और जमीन के दलालों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल डेटा और कच्ची डायरियों से यह खुलासा हुआ कि 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का कोई हिसाब-किताब नहीं है।
विभाग यह पता लगा रहा है कि क्या इन संपत्तियों में निवेश करने वाले असली मालिक कोई और हैं (मुखौटा कंपनियां या अन्य व्यक्ति)। रजिस्ट्री कम कीमत पर कराकर स्टांप ड्यूटी की चोरी और ऊपर से लिए गए नकद भुगतान की जांच। कुछ मामलों में विदेशों से आए धन के संदिग्ध स्रोत की भी जांच की जा रही है।
आयकर विभाग ने उन खरीदारों और विक्रेताओं की सूची तैयार की है जिनके लेनदेन संदिग्ध पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि लगभग 100 से अधिक लोगों को जल्द ही धारा 131 या 148 के तहत नोटिस जारी कर आय के स्रोत की जानकारी मांगी जाएगी। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

About The Author
संबंधित समाचार



