रक्त का कोई अन्य विकल्प नहीं- डॉ. वर्मा
पुलिस उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने 183 वीं बार किया रक्तदान, 89 बार दिए प्लेटलेट्स
राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता, डायमंड रक्तदाता एवं “पर्यावरण प्रहरी” के रूप में विख्यात डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन कर मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। शिविर में उन्होंने स्वयं 183वीं बार रक्तदान किया।
कुरुक्षेत्र: राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता, डायमंड रक्तदाता एवं “पर्यावरण प्रहरी” के रूप में विख्यात डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन कर मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। शिविर में उन्होंने स्वयं 183वीं बार रक्तदान किया। इसके अतिरिक्त वे अब तक 89 बार प्लेटलेट्स तथा 1 बार प्लाज्मा दान भी कर चुके हैं। डॉ. वर्मा विगत कई वर्षों से रक्तदान जागरूकता अभियान संचालित कर समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवता की भावना को सुदृढ़ कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में अब तक 588 स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से 21025 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिससे लगभग 63075 जरूरतमंद रोगियों को लाभ प्राप्त हुआ।उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, शल्य चिकित्सा तथा प्रसूति के दौरान अनेक रोगियों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान अनेक लोगों के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे जन्मदिवस, विवाह वर्षगांठ तथा अन्य विशेष अवसरों पर रक्तदान कर समाजसेवा में योगदान दें। रक्तदान शिविर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, युवाओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने डॉ. अशोक कुमार वर्मा के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। डॉ. वर्मा ने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है।”
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