Kaithal News: स्ट्रीट डॉग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रशासन द्वारा कार्रवाई की लोगों में जगी उम्मीद
रिहायशी कालोनियों में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकडऩे की लोग लगा रहे गुहार
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज स्ट्रीट डॉग को पकडऩे के सख्त आदेश के बाद चीका शहर के बाशिंदों को उम्मीद जगी है कि वे लम्बे समय से उक्त कुत्तों को पकडऩे के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे थे परंतु प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा था।
गुहला चीका। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज स्ट्रीट डॉग को पकडऩे के सख्त आदेश के बाद चीका शहर के बाशिंदों को उम्मीद जगी है कि वे लम्बे समय से उक्त कुत्तों को पकडऩे के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे थे परंतु प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा था। हुडा 4 वेल्फेयर ऐसोसिएशन चीका के प्रधान अर्जुन ढिल्लों, हुडा 3 के राजेश कुमार, सतीश कुमार व राजपाल, प्रोफेसर कालोनी के रजनीश शर्मा, वार्ड 7 के सुरेश जिंदल व नवनीत आदि ने कहा कि गलियों में घूमने वाले कुत्तों से सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को दिक्कत थी। इसके अतिरिक्त वे स्कूटर या बाइक के पीछे भी भागते थे, जिससे दुर्घटनाएं हो रही थी परंतु अब वे गुहला प्रशासन को लिखित शिकायत देंगे, ताकि आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
क्या आया है सुप्रीम कोर्ट का फैसला:
सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स को बड़ा झटका देते हुए अस्पतालों, स्कूलों, कालेजों, बस स्टेंड व रेलवे स्टेशन आदि सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने आदेश में संशोधन करने से साफ इंकार कर दिया है और कोर्ट ने डॉग लवर्स एवं एन.जी.ओज. की उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें कोर्ट से आवारा कुत्तों के सम्बन्ध में पिछले आदेशों को बदलने या उस पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
स्ट्रीट डॉग को लेकर धरातल पर कैसी है स्थिति:
विभिन्न रिहायशी कालोनियों व गली गली घूम रहे खंूखार कुत्तों ने लोगों के नाक में दम किया हुआ है। रिहायशी कालोनियों के बाशिंदों अनिल कुमार, महिन्द्र पाल, दर्शन लाल, अशोक कुमार, अंकित गुप्ता, शिव कुमार, संजय गर्ग व बलबीर चंद आदि ने आज यहां बताया कि कालोनी में आवारा कुत्ते लोगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों की वजह से सुबह व शाम के वक्त पार्क में घूमने वाले बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब उक्त लोग पार्क में जाते हैं, तो झुंड बनाकर घूमने वाले आवारा कुत्ते उन्हें काटने को दौड़ते हैं, जिसके चलते कई लोग डर के मारे सड़क पर गिर जाते हैं और चोटिल भी हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं शाम को ट्यूशन पर जाने वाले बच्चों को भी उक्त कुत्तों की वजह से घर के सदस्यों को हाथ में डंडा लेकर ट्यूशन पर छोडऩे व बाद में उन्हें लेने के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि रात के समय जब लोग अपनी दुकानों को बंद करके घर आते हैं, तो उक्त आवारा कुत्ते लोगों के पीछे उन्हें काटने को दौड़ते हैं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि आवारा कुत्तों को जल्द पकड़ा जाए ताकि लोगों को कुत्तों से निजात मिल सके।
क्या कहना है नगरपालिका चेयरपर्सन का:
इस सम्बन्ध में जब चीका नगरपालिका चेयरपर्सन डा. रेखा रानी से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के क्या आदेश हैं, इस बारे उन्हें कुछ पता नहीं है परंतु यदि उच्च अधिकारियों के कुत्तों को पकडऩे को लेकर जैसे भी आदेश आएंगे, उनकी पालना की जाएगी।




