Rewari News:ऑनलाइन दवा कंपनियों की मनमानी के खिलाफ जिला रेवाड़ी के केमिस्टों ने खोला मोर्चा

Desh Rojana
On

काफी समय तक कई प्राधिकरणों से कार्यवाही करने की गुहार लगाने के बावजूद इंटरनेट के माध्यम से अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं होने के विरोध में मंगलवार को जिला रेवाड़ी में दवा विक्रेताओं ने अपना एक दिवसीय सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। 

रेवाड़ी। काफी समय तक कई प्राधिकरणों से कार्यवाही करने की गुहार लगाने के बावजूद इंटरनेट के माध्यम से अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं होने के विरोध में मंगलवार को जिला रेवाड़ी में दवा विक्रेताओं ने अपना एक दिवसीय सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। 
जानकारी के अनुसार देशभर के लाखों केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं में इस मामले में पनपे असंतोष की वजह से ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) तथा हरियाणा राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर रेवाड़ी जिले के समस्त केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने संयुक्त रूप से सर्वसम्मति बनाकर इस विरोध में हिस्सा लिया। 
विरोध के बाद रेवाड़ी केमिस्ट एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन के प्रधान अनिल शर्मा के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं ने नगराधीश जितेंद्र कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपना एक ज्ञापन सौंपकर लोगों के स्वास्थ्य और मरीजों की जीवन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने का आह्वान किया।
1004567471
सीटीएम को ज्ञापन सौंपते केमिस्ट।
इनका कहना है कि बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन माध्यम से दवा की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अधिक छूट जैसी गतिविधियां करोड़ों मरीजों के स्वास्थ्य एवं उनके सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। साथ ही, ये देशभर के लाखों लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी सीधा संकट उत्पन्न कर रही हैं।
इनका कहना है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कम्पनियां वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। वर्ष 2018 में केवल जनमत आमंत्रित करने हेतु जारी अधिसूचना जीएसआर 817(E) अब अप्रासंगिक एवं निरर्थक हो चुकी है।
इसी प्रकार कोविड महामारी जैसी असाधारण परिस्थिति में जारी GSR 220163, जिसकी आवश्यकता केवल आपातकालीन समय में थी, वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में आवश्यक नहीं है। किंतु इसका दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं शिंक कॉमर्स कंपनियों द्वारा अनियंत्रित होम डिलीवरी हेतु किया जा रहा है।
 
इन समस्त विषयों को समय-समय पर प्रमाण सहित केंद्र सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, किंतु अवैध गतिविधियों को स्वीकार किए जाने के बावजूद कोई ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही दृष्टिगोचर नहीं हुई। जनस्वास्थ्य तथा छोटे केमिस्टों एवं दवा व्यापारियों को होने वाली अपूरणीय क्षति को रोकने के लिए प्रमुख मांगें निम्न हैं : 
 
1. अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर कार्यवाही की जाए।
 
2. बिना वैध एवं सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी पूर्णतः प्रतिबंधित की जाए।
 
3. GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
 
4. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनाई जा रही अत्यधिक छूट (Deep Discounting) एवं Predatory Pricing नीति पर रोक लगाई जाए।
 
उन्होंने कहा कि देशभर के केमिस्ट एवं दवा विक्रेता सदैव स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था एवं औषधि आपूर्ति तंत्र की मजबूत रीढ़ रहे हैं। कोविड महामारी जैसे कठिन समय में भी दवा व्यापारियों ने पूरे देश में निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए जनहित, जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा के व्यापक हित में इस विषयों पर तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। 
 
Desh Rojana Hiring Ad

About The Author

संबंधित समाचार

Desh Rojana Hiring Ad