ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें : उपायुक्त अखिल पिलानी
बीडीपीओ व संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
उपायुक्त अखिल पिलानी ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) तथा संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देश दिए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नूंह: उपायुक्त अखिल पिलानी ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) तथा संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देश दिए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में घर-घर से कचरा संग्रहण कर उसका सुरक्षित निपटान किया जाए तथा ठोस कचरा प्रबंधन शैड को उपयोगी बनाकर चालू स्थिति में रखा जाए। उपायुक्त ने कहा कि अभी तक जिला नूंह का एक भी गांव ऐसा नहीं है जहां ठोस कचरा प्रबंधन शैड पूरी तरह चालू स्थिति में हो।
गांवों में जाकर करें निरीक्षण :
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि संबंधित बीडीपीओ स्वयं गांवों में जाकर ग्राम सचिवों और अपने स्टाफ के साथ निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान गांव के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों की स्थिति तथा साफ-सफाई व्यवस्था का मौका निरीक्षण करना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि गांवों में कूड़ा-करकट, कीचड़ व गंदगी की समस्या न रहे। यदि किसी गांव में गंदगी पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य :
उपायुक्त ने बताया कि ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जा रही एफएफसी/पीआरआई ग्रांट में 60 प्रतिशत टाइड ग्रांट होती है, जिसमें से 50 प्रतिशत यानी कुल एफएफसी/पीआरआई ग्रांट का 30 प्रतिशत स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों पर खर्च करना सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इस राशि को किसी अन्य कार्य पर खर्च नहीं किया जा सकता। यदि किसी सरपंच या ग्राम सचिव द्वारा इस राशि का अन्य कार्यों में उपयोग किया गया या लापरवाही बरती गई तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। खर्च की गई राशि को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा।
कमेटी गठन के बाद ही होगा खर्च :
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि संबंधित राशि खर्च करने से पूर्व कमेटी का गठन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की हिदायतों के अनुसार सोख्ता गड्ढे एवं खाद गड्ढों के निर्माण कार्यों का भुगतान ग्राम पंचायत में उपलब्ध एफएफसी/पीआरआई राशि से किया जाए। यदि राशि कम पड़ती है तो शेष कार्य का भुगतान पंचायत समिति फंड से कराया जाए, ताकि कार्य समय पर पूर्ण हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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