Nuh Mewat News: मेवात में बढ़ता नजर आ रहा है इनेलो का रुझान, महिलाओं में महंगाई को लेकर नाराजगी: सुनैना चौटाला

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पूर्व उपप्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती के अवसर पर 27 सितंबर को नूंह में आयोजित होने वाले सम्मान दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर इनेलो ने मेवात में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

सुनैना चौटाला से यूनुस अल्वी की खास बातचीत:-

पूर्व उपप्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती के अवसर पर 27 सितंबर को नूंह में आयोजित होने वाले सम्मान दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर इनेलो ने मेवात में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पूर्व विधायक एवं इनेलो नेत्री सुनैना चौटाला पिछले कई दिनों से मेवात के गांव-गांव जाकर लोगों को रैली में शामिल होने का न्योता दे रही हैं।
 
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शुक्रवार को रैली स्थल पर  देश रोजाना के ब्यूरो चीफ यूनुस अलवी ने सुनैना चौटाला से खास बातचीत की।
 
इस दौरान उन्होंने मेवात के माहौल, महिलाओं की भागीदारी, महंगाई, विकास, कानून-व्यवस्था, चौटाला परिवार के मेवात से रिश्ते और 27 सितंबर की रैली को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
 

सवाल: आप कई दिनों से मेवात में गांव-गांव जा रही हैं। इस समय खेती का सीजन भी चल रहा है। इसके बावजूद लोगों का रैली को लेकर कैसा रुझान दिखाई दे रहा है?

सुनैना चौटाला: बेशक इस समय बाजरे और ज्वार की कटाई का काम चल रहा है, लेकिन आज सोशल मीडिया का जमाना है। मैं जिन-जिन गांवों में गई हूं, वहां लोगों से काफी अच्छा समर्थन मिला है। खासकर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

 
महिलाएं महंगाई से बहुत परेशान हैं। उनके लिए दो वक्त का घर का चूल्हा चलाना मुश्किल होता जा रहा है। मुझे तो ऐसा लग रहा है कि इनेलो के प्रति फिर से वही रुझान बनता नजर आ रहा है, जैसा 1987 में दिखाई दिया था।
 

सवाल: भाजपा का नारा है—‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’। गांवों में जाकर आपको इन नारों और जमीनी हकीकत में कितना अंतर दिखाई दिया?

सुनैना चौटाला: मेरे हिसाब से दोनों नारे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। अगर विकास की बात करें तो मेवात में चौटाला साहब के समय जितना विकास हुआ था, उसके बाद उतना विकास दिखाई नहीं देता।

 
कांग्रेस का भी शासन रहा और अब भाजपा को भी काफी समय हो चुका है। लेकिन मेवात में आज भी कई बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं। मैंने 2023 की परिवर्तन यात्रा के दौरान जिन गलियों को देखा था, आज उनमें से कई गलियां उससे भी खराब हालत में दिखाई देती हैं।
 
जहां तक ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात है, बेटियों को पढ़ाने के लिए स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और दूसरे शैक्षणिक संस्थान चाहिए। सुरक्षा भी जरूरी है। जब बेटियां सुरक्षित होंगी, तभी उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
 

सवाल: इनेलो विधायक आदित्य चौटाला ने आरोप लगाया कि पहले धरना-प्रदर्शन होने पर अधिकारी और नेता लोगों की बात सुनने पहुंचते थे, लेकिन अब सरकार लोगों की सुनवाई नहीं करती। आप इसे किस तरह देखती हैं?

सुनैना चौटाला: मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं। आज लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। मुख्यमंत्री के स्तर से जब यह कहा जाता है कि मैं चपरासी तक का तबादला नहीं कर सकता, तो इससे सरकार के कामकाज को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

 
हमारे समय में अधिकारी और नेता जनता के बीच जाते थे और उनकी समस्याएं सुनते थे। आज लोगों को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए बार-बार आंदोलन करने पड़ते हैं।
 

सवाल: देवीलाल और चौटाला परिवार का मेवात से हमेशा एक खास रिश्ता रहा है। गांवों में घूमने के दौरान लोगों ने आपको उनके बारे में क्या बताया?

सुनैना चौटाला: मेवात के लोग चौधरी देवीलाल जी और चौटाला परिवार को आज भी याद करते हैं। चौधरी देवीलाल जी की मेवात से जुड़ी तस्वीरें आज भी लोगों के जेहन में हैं।

 
मेवात में सिंचाई और विकास के जो काम चौटाला परिवार के शासनकाल में हुए, लोग आज भी उनका जिक्र करते हैं। ओमप्रकाश चौटाला जी के समय मेवात को जिला बनाया गया। यहां के लोगों का कहना है कि चौटाला परिवार ने मेवात के विकास के लिए काम किया।
 

सवाल:आपने अभी दबंगता की बात कही। क्या आज अपने हक और अधिकारों के लिए लोगों को मजबूत होकर आवाज उठाने की जरूरत है?

सुनैना चौटाला:इतिहास गवाह है कि जब भी लोगों के अधिकारों पर दबाव आया है, लोगों ने मजबूती से अपनी आवाज उठाई है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे लोगों ने भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

 
आज भी अगर किसानों या आम लोगों के आंदोलनों में लाठीचार्ज और आंसू गैस जैसी कार्रवाई होती है तो यह चिंता का विषय है। महिलाओं और किसानों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती नहीं होनी चाहिए।
 

सवाल: 27 सितंबर को नूंह में होने वाले सम्मान दिवस समारोह को लेकर मेवात के लोगों से आपकी क्या अपील है?

सुनैना चौटाला: मैं मेवात के अपने सभी भाइयों और बहनों से अपील करूंगी कि 27 सितंबर को बड़ी संख्या में नूंह पहुंचें। मैंने गांवों में जाकर लोगों से बातचीत की है। लोग कह रहे हैं कि 75 एकड़ का पंडाल भी छोटा पड़ जाएगा।

मेरी खास गुजारिश है कि जिस संख्या में हमारे भाई रैली में आएं, उसी तरह हमारी बहनें भी बड़ी संख्या में पहुंचें। 27 सितंबर को मैं मेवात के लोगों का प्यार और समर्थन देखने का इंतजार करूंगी।
 
सवाल: रैली स्थल पर तैयारियां लगातार चल रही हैं। पंडाल को भी बढ़ाया गया है। तैयारियों को आप किस तरह देख रही हैं?
 
सुनैना चौटाला: प्रताप जी पिछले काफी समय से यहां रहकर तैयारियों में जुटे हुए हैं। पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। मैं प्रताप जी और उनकी पूरी टीम को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने जिस मेहनत से इस आयोजन की तैयारियां की हैं, उसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।
 
सवाल:अंत में मेवात के लोगों के लिए आपका क्या संदेश है?
 
सुनैना चौटाला: मेरा मेवात के लोगों से यही कहना है कि 27 सितंबर को नूंह पहुंचें और जननायक चौधरी देवीलाल जी को श्रद्धांजलि दें। यह सम्मान दिवस उनकी विचारधारा, किसान, मजदूर और गरीब वर्ग के सम्मान का दिन है। मैं खास तौर पर अपनी बहनों से अपील करूंगी कि वे भी बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल हों।
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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।

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