Nuh Mewat News: मेवात में बढ़ता नजर आ रहा है इनेलो का रुझान, महिलाओं में महंगाई को लेकर नाराजगी: सुनैना चौटाला
पूर्व उपप्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती के अवसर पर 27 सितंबर को नूंह में आयोजित होने वाले सम्मान दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर इनेलो ने मेवात में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
सुनैना चौटाला से यूनुस अल्वी की खास बातचीत:-

सवाल: आप कई दिनों से मेवात में गांव-गांव जा रही हैं। इस समय खेती का सीजन भी चल रहा है। इसके बावजूद लोगों का रैली को लेकर कैसा रुझान दिखाई दे रहा है?
सुनैना चौटाला: बेशक इस समय बाजरे और ज्वार की कटाई का काम चल रहा है, लेकिन आज सोशल मीडिया का जमाना है। मैं जिन-जिन गांवों में गई हूं, वहां लोगों से काफी अच्छा समर्थन मिला है। खासकर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
सवाल: भाजपा का नारा है—‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’। गांवों में जाकर आपको इन नारों और जमीनी हकीकत में कितना अंतर दिखाई दिया?
सुनैना चौटाला: मेरे हिसाब से दोनों नारे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। अगर विकास की बात करें तो मेवात में चौटाला साहब के समय जितना विकास हुआ था, उसके बाद उतना विकास दिखाई नहीं देता।
सवाल: इनेलो विधायक आदित्य चौटाला ने आरोप लगाया कि पहले धरना-प्रदर्शन होने पर अधिकारी और नेता लोगों की बात सुनने पहुंचते थे, लेकिन अब सरकार लोगों की सुनवाई नहीं करती। आप इसे किस तरह देखती हैं?
सुनैना चौटाला: मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं। आज लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। मुख्यमंत्री के स्तर से जब यह कहा जाता है कि मैं चपरासी तक का तबादला नहीं कर सकता, तो इससे सरकार के कामकाज को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
सवाल: देवीलाल और चौटाला परिवार का मेवात से हमेशा एक खास रिश्ता रहा है। गांवों में घूमने के दौरान लोगों ने आपको उनके बारे में क्या बताया?
सुनैना चौटाला: मेवात के लोग चौधरी देवीलाल जी और चौटाला परिवार को आज भी याद करते हैं। चौधरी देवीलाल जी की मेवात से जुड़ी तस्वीरें आज भी लोगों के जेहन में हैं।
सवाल:आपने अभी दबंगता की बात कही। क्या आज अपने हक और अधिकारों के लिए लोगों को मजबूत होकर आवाज उठाने की जरूरत है?
सुनैना चौटाला:इतिहास गवाह है कि जब भी लोगों के अधिकारों पर दबाव आया है, लोगों ने मजबूती से अपनी आवाज उठाई है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे लोगों ने भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
सवाल: 27 सितंबर को नूंह में होने वाले सम्मान दिवस समारोह को लेकर मेवात के लोगों से आपकी क्या अपील है?
सुनैना चौटाला: मैं मेवात के अपने सभी भाइयों और बहनों से अपील करूंगी कि 27 सितंबर को बड़ी संख्या में नूंह पहुंचें। मैंने गांवों में जाकर लोगों से बातचीत की है। लोग कह रहे हैं कि 75 एकड़ का पंडाल भी छोटा पड़ जाएगा।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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