Nuh Mewat News: मेवात पुलिस ने अपराध पर कसा तगड़ा शिकंजा, कई मामलों में 500 फीसदी तक बढ़ी गिरफ्तारी
साइबर अपराध के हॉटस्पॉट में 38.5 फीसदी की कमी, 24 इनामी अपराधी दबोचे; नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ भी पुलिस का अभियान तेज
नूंह जिला पुलिस ने पिछले चार महीनों के दौरान अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए कई मोर्चों पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस के अनुसार इस अवधि में जहां कई गंभीर अपराधों में आरोपियों की गिरफ्तारी में भारी इजाफा हुआ है, वहीं साइबर अपराध के हॉटस्पॉट में भी उल्लेखनीय कमी आई है। कुछ मामलों में गिरफ्तारी का आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 500 फीसदी तक बढ़ा है। पुलिस ने साइबर अपराध, नशा, अवैध हथियार, वाहन चोरी, जुआ और इनामी अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई तेज की है।
मेवात: नूंह जिला पुलिस ने पिछले चार महीनों के दौरान अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए कई मोर्चों पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस के अनुसार इस अवधि में जहां कई गंभीर अपराधों में आरोपियों की गिरफ्तारी में भारी इजाफा हुआ है, वहीं साइबर अपराध के हॉटस्पॉट में भी उल्लेखनीय कमी आई है। कुछ मामलों में गिरफ्तारी का आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 500 फीसदी तक बढ़ा है। पुलिस ने साइबर अपराध, नशा, अवैध हथियार, वाहन चोरी, जुआ और इनामी अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई तेज की है।

बुधवार को नूंह जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पिछले चार महीनों के अपराध आंकड़े साझा किए। एसपी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की जड़ तक पहुंचकर उसके नेटवर्क को खत्म करना है। उन्होंने अपराधियों के साथ सख्ती बरतने के साथ-साथ आम जनता के साथ पुलिस के व्यवहार को भी प्राथमिकता देने की बात कही।
एसपी डॉ. अर्पित जैन ने स्पष्ट कहा कि थाने में अपनी शिकायत लेकर आने वाला आम नागरिक सम्मान का हकदार है। यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी आमजन से गलत भाषा में बात करता है या दुर्व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपराधियों के साथ सख्ती और आम जनता के साथ मधुर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए।
साइबर अपराध के हॉटस्पॉट में 38.5 फीसदी कमी: साइबर अपराध पर जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल की तुलना में 1 अगस्त तक नूंह जिले में साइबर अपराध के हॉटस्पॉट में करीब 38.5 फीसदी की कमी आई है। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस दौरान सिम कार्ड, मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड की बरामदगी में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि आज साइबर अपराध का स्वरूप बेहद जटिल और बहुस्तरीय हो चुका है। अपराध में इस्तेमाल होने वाला सिम कार्ड किसी दूसरे स्थान का होता है, बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति या क्षेत्र का और ठगी का नेटवर्क कहीं और से संचालित किया जाता है। ऐसे में पुलिस ने अपराधियों के पूरे सपोर्ट सिस्टम को तोड़ने की रणनीति तैयार की है। एसपी ने बताया कि नूंह पुलिस द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना का जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष प्रेजेंटेशन दिया जाएगा, ताकि साइबर अपराध से निपटने की इस रणनीति को दूसरे जिलों में भी लागू किया जा सके।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर: एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। इसके लिए चार से पांच पुलिसकर्मियों की टीम रोजाना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मॉनिटरिंग कर रही है। समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, भड़काऊ या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले अकाउंट्स पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस रचनात्मक आलोचना का स्वागत करती है, लेकिन ऐसी पोस्ट या गतिविधियां किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी जिनसे समाज में तनाव या विघटन पैदा हो।
गोकशी के मामलों में 129 फीसदी बढ़ोतरी: अन्य अपराधों के आंकड़ों की तुलना पिछले वर्ष के इन्हीं चार महीनों से करते हुए एसपी ने बताया कि गोकशी के मामलों में 129 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पुलिस ने गौधन की बरामदगी में भी 67 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है, जबकि इस दौरान 136 फीसदी अधिक वाहन बरामद किए गए। पुलिस और अपराधियों के बीच क्रॉस फायरिंग की करीब 10 घटनाएं भी हुईं।
नशे के खिलाफ अभियान में तेजी: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया। एसपी के अनुसार एनडीपीएस मामलों में 91 फीसदी और गिरफ्तारियों में 58 फीसदी की वृद्धि हुई है। हेरोइन की बरामदगी में 223 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और करीब 850 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके अलावा सल्फा और गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की भी बड़ी बरामदगी हुई। पुलिस के अनुसार 7,480 कैप्सूल तथा करीब 9,000 किलोग्राम भांग जब्त की गई। एसपी ने कहा कि नशे के कारोबार को केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनके पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने पर काम किया जा रहा है।
अवैध हथियार और जुआ कारोबार पर भी कार्रवाई: अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई में भी तेजी लाई गई। पुलिस के अनुसार देसी कट्टों की बरामदगी में 60 फीसदी और कारतूस की बरामदगी में 153 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं जुए के मामलों और उनसे संबंधित बरामदगी में भी भारी इजाफा हुआ है। वाहन चोरी के मामलों में रिकवरी का आंकड़ा 74 फीसदी बढ़ा है।
24 इनामी अपराधी गिरफ्तार: पुलिस की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी भी रहा। एसपी ने बताया कि पिछले वर्ष की समान अवधि में जहां केवल एक इनामी अपराधी गिरफ्तार किया गया था, वहीं इस बार 24 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रोबेशन ऑफेंडर की गिरफ्तारी में 75 फीसदी, जबकि बेल जंपर की गिरफ्तारी में 500 फीसदी की वृद्धि हुई है। एसपी ने बताया कि संगठित अपराध पर शिकंजा कसने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई के लिए धारा 107 के तहत भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नशे के खिलाफ पांच सूत्रीय रणनीति: एसपी डॉ. अर्पित जैन ने नशे के खिलाफ पुलिस की पांच सूत्रीय रणनीति भी बताई। इसमें नशा तस्करों के सपोर्ट सिस्टम को तोड़ना, कठोर कानूनी कार्रवाई करना, नशा करने वाले लोगों का पुनर्वास, बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना और नए नवाचार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसके लिए धार्मिक गुरुओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। मस्जिदों और मंदिरों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है।
एसपी ने जिले के लोगों से अपील की कि वे अपराध और नशे के खिलाफ पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि आमजन और पुलिस के आपसी सहयोग से ही नूंह जिले को अपराध और नशे से मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा सकते हैं।




