Palwal News: मांगों को लेकर 10 अगस्त को प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन करेंगे कर्मचारी

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अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते, बिजली निजीकरण, श्रमिक विरोधी चार लेबर कोड़, न्यूनतम वेतन, बढ़ती हुई महंगाई और बेरोज़गारी पर रोक लगाने आदि मांगों  को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय आह्वाहन के तहत संयुक्त तत्वावधान में 10 अगस्त को उपायुक्त कार्यालय पलवल पर प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

पलवल: अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते, बिजली निजीकरण, श्रमिक विरोधी चार लेबर कोड़, न्यूनतम वेतन, बढ़ती हुई महंगाई और बेरोज़गारी पर रोक लगाने आदि मांगों  को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय आह्वाहन के तहत संयुक्त तत्वावधान में 10 अगस्त को उपायुक्त कार्यालय पलवल पर प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

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आन्दोलन की तैयारी के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्मचंद घुघेरा,रूपराम तेवतिया, ताराचंद प्रधान ने आज जनौली, अलावलपुर, कटेसरा, डाढौता,घोड़ी,मीसा, पेलक, खेड़ला ,छज्जूनगर आदि गांवों में जनसंपर्क अभियान चला कर किसानों से आंदोलन में भाग लेने की अपील की। किसान मोर्चा के नेताओं ने बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार अमेरिका के साथ जिस व्यापार समझौते का  मसौदा तैयार किया है यह समझौता अमेरिका की शर्तों के अनुसार है जो हिंदुस्तान की खेती और किसानों को बर्बाद कर देगा क्योंकि अमेरिका में केवल 2% जनता ही खेती से जुड़ी है एक किसान के पास औसत 469एकड़ जमीन है जिन्हें भारी भरकम सब्सिडी भी मिलती है हिंदुस्तान में केवल औसत दो एकड़ जोत के किसान है और सब्सिडी भी नाम मात्र की मिलती है किसी भी प्रकार से हिंदुस्तान का किसान अमेरिका के साथ कंपटीशन नहीं कर सकता इसलिए हर स्तर पर इस समझौते का विरोध किया जाएगा, इसी प्रकार बिजली क्षेत्र के अंदर सरकार निजीकरण को बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार अलग से एग्री डिस्काम  नाम से कंपनी बनाने जा रही है जो मनमर्जी रेट पर किसानों को बिजली सप्लाई करेगी जिससे आम किसान बिजली से वंचित हो जाएंगे इनके साथ ऊपर लिखित सभी मांगों को लेकर पूरे हिंदुस्तान के किसान और मजदूर मिलकर 10 अगस्त को  सभी जिला मुख्यालयों पर भारत छोड़ो आंदोलन की 84 वीं वर्षगांठ पर प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन कर के केंद्र सरकार किसान मजदूर विरोधी फ़ैसलों को वापस लेने के लिए विवस करेंगे। इस आन्दोलन के बाद और बड़ी एकता कर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।

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