Nuh Mewat News: एनसीबी हरियाणा द्वारा नशे के विरुद्ध बस अड्डे नूह पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

नशा होता अच्छा तो माँ कहती खा ले मेरे बच्चा- डॉ अशोक

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हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त आयुक्त, फरीदाबाद सह पुलिस उप महानिरीक्षक श्री राजेंद्र कुमार मीणा, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के नेतृत्व में पूरे हरियाणा प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।

मेवात/ नूह: हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त आयुक्त, फरीदाबाद सह पुलिस उप महानिरीक्षक श्री राजेंद्र कुमार मीणा, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के नेतृत्व में पूरे हरियाणा प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आज नूह बस अड्डा स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र में चालक प्रशिक्षणार्थियों के लिए एक दिवसीय नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/ उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि हर समस्या की जड़ है।

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नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, समाज और राष्ट्र को खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत के कारण सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा, अपराध, आर्थिक क्षति तथा असमय मृत्यु जैसी गंभीर समस्याएं निरंतर बढ़ रही हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करे। उन्होंने चालक प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि चालक के हाथ में केवल वाहन का स्टीयरिंग नहीं होता, बल्कि अनेक लोगों के जीवन की जिम्मेदारी भी होती है। यदि चालक नशे में वाहन चलाता है तो वह स्वयं के साथ-साथ निर्दोष लोगों के जीवन को भी संकट में डाल देता है। इसलिए किसी भी प्रकार का नशा करके वाहन चलाना कानूनी अपराध होने के साथ-साथ मानवता के विरुद्ध भी है। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा— "नशा होता अच्छा तो माँ कहती—खा ले मेरे बच्चा। नशा होता अच्छा तो पिता कहता—थोड़ा पी, क्यों करता है चिंता, अपनी जिंदगी जी। लेकिन कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को नशा करने की सलाह नहीं देते, क्योंकि नशा केवल विनाश, बीमारी और मौत की ओर ले जाता है।" उन्होंने आगे कहा कि "ज़िंदगी से प्यार करो, नशे से नहीं। नशा छोड़ो, परिवार जोड़ो। स्वस्थ युवा ही मजबूत भारत की पहचान है। आज का लिया गया सही निर्णय आपका पूरा भविष्य बदल सकता है।" उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत में है तो उसे तिरस्कृत न करें, बल्कि उसका उपचार कराने और पुनर्वास केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें। समाज की भागीदारी से ही नशे के विरुद्ध इस युद्ध को जीता जा सकता है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षणार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा नशे की अवस्था में कभी भी वाहन न चलाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में 159 चालक प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण दल से तौफीक अहमद, इदरीश, भगत सिंह, इस्माइल, रती मोहम्मद, वली मोहम्मद तथा मोहम्मद फारुख सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। सभी ने स्वयं नशा न करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।  कार्यक्रम के समापन पर डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को नशे की लत से मुक्ति दिलाने में सहायता की आवश्यकता हो अथवा कहीं नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 अथवा हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हेल्पलाइन 90508-91508 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन, समाज, परिवार और युवाओं के संयुक्त प्रयासों से ही नशामुक्त हरियाणा तथा नशा मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

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