फिरोजपुर झिरका ब्लॉक के 13 सरकारी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, कमजोर रिजल्ट पर शिक्षा विभाग सख्त
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में खराब प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) फिरोजपुर झिरका द्वारा ब्लॉक के 13 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मेवात। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में खराब प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) फिरोजपुर झिरका द्वारा ब्लॉक के 13 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह के निर्देशों के तहत की गई है।

जारी पत्र के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आयोजित 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणाम का अवलोकन करने पर पाया गया कि फिरोजपुर झिरका ब्लॉक का कुल परीक्षा परिणाम मात्र 44.47 प्रतिशत रहा, जिसे विभाग ने चिंताजनक माना है। इसी के चलते खराब परिणाम वाले विद्यालयों से जवाब तलब किया गया है।
नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में जीएसएसएस नीमखेड़ा, जीएसएसएस रावली, जीएसएसएस बड़ेड, पीएम श्री जीएसएसएस पाठखोरी, जीएसएसएस अगोन, जीएसएसएस फिरोजपुर झिरका 0875, जीएसएसएस भाकडोजी, जीएसएसएस फिरोजपुर झिरका 0884, केजीबीवी फिरोजपुर झिरका, एएमएसएसएस हसनपुर बिलोंडा, जीएसएसएस बुबलेहड़ी, जीएसएसएस महूँ तथा पीएम श्री जीएसएसएस साकरस शामिल हैं।
पत्र में कला एवं विज्ञान संकाय के परीक्षा परिणाम का विस्तृत विवरण भी दिया गया है। कई स्कूलों का परीक्षा परिणाम 20 से 35 प्रतिशत के बीच रहने पर विभाग ने गंभीर चिंता जताई है।
जारी आंकड़ों के अनुसार जीएसएसएस नीमखेड़ा का आर्ट्स परिणाम 30.43 प्रतिशत, जीएसएसएस रावली का 48.78 प्रतिशत तथा जीएसएसएस बड़ेड का 30.77 प्रतिशत रहा। पीएम श्री स्कूल पाठखोरी का आर्ट्स परिणाम 64.10 प्रतिशत तथा साइंस का 50 प्रतिशत दर्ज किया गया। जीएसएसएस अगोन का आर्ट्स परिणाम 53.49 प्रतिशत रहा।
वहीं जीएसएसएस भाकडोजी का आर्ट्स परिणाम 20 प्रतिशत और साइंस संकाय में 23.52 प्रतिशत रहा। जीएसएसएस फिरोजपुर झिरका 0875 का आर्ट्स परिणाम 51.51 प्रतिशत जबकि जीएसएसएस फिरोजपुर झिरका 0884 का परिणाम 20.54 प्रतिशत दर्ज किया गया।
इसके अलावा केजीबीवी फिरोजपुर झिरका का आर्ट्स परिणाम 33.54 प्रतिशत, एएमएसएसएस हसनपुर बिलोंडा का 58.82 प्रतिशत, जीएसएसएस बुबलेहड़ी का 44.4 प्रतिशत, जीएसएसएस महूँ का आर्ट्स एवं साइंस दोनों में 22 प्रतिशत तथा पीएम श्री स्कूल साकरस का आर्ट्स परिणाम 34 प्रतिशत और साइंस परिणाम 50 प्रतिशत रहा।
बीईओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश में सभी विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विद्यालय के कमजोर परीक्षा परिणाम के कारणों का पूर्ण तथ्यों सहित लिखित स्पष्टीकरण 15 मई 2026 को दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत करें। साथ ही इसकी प्रति जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह को भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रमुखों की होगी।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद सरकारी स्कूलों में हड़कंप का माहौल है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए शिक्षकों की जवाबदेही तय करना, विद्यार्थियों की नियमित मॉनिटरिंग और अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता जरूरी है।
वहीं क्षेत्र के अभिभावकों और शिक्षा प्रेमियों ने विभाग के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसी कार्रवाई आवश्यक है। दूसरी ओर कई शिक्षकों का कहना है कि संसाधनों की कमी, विद्यार्थियों की अनियमित उपस्थिति और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियां भी परीक्षा परिणाम को प्रभावित करती हैं।




