Mewat/Tawdu News: 42 सीटर बस में ठूंस रखे थे छह दर्जन से अधिक बच्चे,चालक भी मिला बिना वर्दी।
एसडीएम जितेंद्र गर्ग की टीम ने चलाया स्कूल बस चेकिंग अभियान, एसडी हाई स्कूल की बस में मिलीं कई खामियां।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सोमवार को सख्ती दिखाते हुए स्कूल बसों की जांच का अभियान चलाया। एसडीएम जितेंद्र गर्ग के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न स्कूलों की बसों की जांच की। इस दौरान एसडी हाई स्कूल की एक बस में सुरक्षा मानकों की बड़ी लापरवाही सामने आई। 42 सीटर बस में करीब छह दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं सवार मिले।
तावड़ू : स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सोमवार को सख्ती दिखाते हुए स्कूल बसों की जांच का अभियान चलाया। एसडीएम जितेंद्र गर्ग के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न स्कूलों की बसों की जांच की। इस दौरान एसडी हाई स्कूल की एक बस में सुरक्षा मानकों की बड़ी लापरवाही सामने आई। 42 सीटर बस में करीब छह दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं सवार मिले। बस में क्षमता से काफी अधिक बच्चों को बैठाए जाने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए।
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जांच के दौरान बस का चालक भी बिना वर्दी के स्कूल बस चलाता मिला। इतना ही नहीं, बस में बच्चों की देखरेख के लिए महिला अटेंडेंट मौजूद थी लेकिन बिना वर्दी / आई.डी. के थी। इसके अलावा चालक ने सीट बेल्ट भी नहीं लगा रखी थी। प्रशासनिक टीम ने बस को रोककर बच्चों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की तथा स्कूल प्रबंधन को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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एसडीएम जितेंद्र गर्ग ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूल संचालकों और बस चालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही वाहनों का संचालन करना होगा। बसों में क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाना, चालक का निर्धारित वर्दी में होना तथा बच्चों की निगरानी के लिए अटेंडेंट की मौजूदगी सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से स्कूल बसों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल संचालकों और वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्कूल संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। बता दें कि सितंबर 2024 में भी उन्हानी स्कूल बस हादसे में आठ बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। इतने बड़े हादसे के बाद भी निजी स्कूल संचालक सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। अधिकतर निजी स्कूल संचालक पुरानी बसों की ही रंगाई-पुताई कर बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

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