Nuh mewat News: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने के लिए डायल करें 1930 : उपायुक्त
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान सतर्क रहें, सुरक्षित वेबसाइट का ही करें उपयोग
उपायुक्त अखिल पिलानी ने सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखते हुए जिलावासियों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की तत्काल सूचना देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
नूंह। उपायुक्त अखिल पिलानी ने सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखते हुए जिलावासियों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की तत्काल सूचना देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

उपायुक्त ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के कारण लोग अक्सर सोशल मीडिया पर बंपर डिस्काउंट, लॉटरी या इनामी विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित वेबसाइट सुरक्षित और विश्वसनीय है या नहीं। उन्होंने सलाह दी कि यदि संभव हो तो ऑनलाइन सामान मंगवाते समय कैश ऑन डिलीवरी विकल्प का ही चयन करें, ताकि बैंक और कार्ड संबंधी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ न लगे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे तथा साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाए। उपायुक्त ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराधों से सतर्क रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें।
उपायुक्त ने बताया कि पहले साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए 155260 हेल्पलाइन उपलब्ध थी, लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इसकी जगह 1930 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी जैसे मामलों में पारंपरिक तरीके से पुलिस स्टेशन जाकर एफआईआर दर्ज करवाना और जांच प्रक्रिया पूरी होना अपेक्षाकृत लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में त्वरित कार्रवाई और लेनदेन रोकने के लिए हेल्पलाइन सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, पीड़ित को उतनी ही शीघ्र सहायता मिल सकेगी।
उपायुक्त ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।

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