पलवल में 14 मई को होगा बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं बचाव मॉक ड्रिल का आयोजन : एसडीएम पलवल
एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने अधिकारियों की बैठक लेकर मॉक ड्रिल की तैयारियों बारे की समीक्षा
आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा बृहस्पतिवार, 14 मई को जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं बचाव मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
पलवल: आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा बृहस्पतिवार, 14 मई को जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं बचाव मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में संबंधित विभागों की तैयारियों, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना है। इसमें प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, दमकल विभाग, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ तथा अन्य एजेंसियां भाग लेंगी। ड्रिल के दौरान राहत एवं बचाव कार्य, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार तथा संचार व्यवस्था का अभ्यास किया जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की एसीएस और वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित की जाने वाली बाढ़ से संबंधित मॉक ड्रिल को लेकर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से टेबल टॉप एक्सरसाइज की अध्यक्षता करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला पलवल से एसडीएम पलवल एवं मॉक ड्रिल के नोडल अधिकारी भूपेंद्र ङ्क्षसह ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से टेबल टॉप एक्सरसाइज से जुडक़र जिला से संबंधित तैयारियों बारे आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
एसडीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग उपरांत लघु सचिवालय के सभागार में संबंधित विभागों की जिला स्तरीय बैठक लेकर 14 मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मॉक ड्रिल से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय पर मॉक ड्रिल में उपस्थित रहकर मॉक ड्रिल को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बाढ़ से बचाव को लेकर अपनी-अपनी सेवाओं को एक्टिव मोड में रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर अविलंब उनका प्रयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि पलवल जिला यमुना नदी के निकट होने के कारण अति संवेदनशील जिलों की श्रेणी में आता है। उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जिला में बाढ़ जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार रहें। उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों से सबक लेकर बाढ़ बचाव के लिए बेहतरीन उपाय सुनिश्चत किए जाएं।
एसडीएम ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं अचानक उत्पन्न होती हैं, इसलिए सभी विभागों को पहले से तैयार रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि मेगा मॉक ड्रिल के दौरान हर विभाग अपनी भूमिका का गंभीरता से निर्वहन करे, ताकि किसी भी वास्तविक आपदा के समय जानमाल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय को मजबूत रखते हुए आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करें। उन्होंने कहा कि समय रहते प्रभावी कदम उठाना ही नुकसान को कम करने का सबसे बेहतर उपाय है।
एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला के बाढ़ संभावित सभी क्षेत्रों को मॉक ड्रिल में शामिल किया जाए और मॉक ड्रिल के दौरान संभावित परिस्थितियों जैसे बाढ़ में लोगों के फंसने और राहत एवं बचाव कार्यों की चुनौतियों का वास्तविक रूप से अभ्यास किया जाए। साथ ही राहत शिविरों की स्थापना, घायलों के उपचार, एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता, ट्रैफिक प्रबंधन और संचार व्यवस्था को भी परखा जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य इस मेगा मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बैठक में सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, एसडीएम होडल बलीना, एसडीएम हथीन हरिराम, नगराधीश प्रीति रावत, डीआरओ बलराज ङ्क्षसह दांगी, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर परिषद, बिजली निगम तथा आपातकालीन सेवाओं सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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