जिला में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम-2007 का हो प्रभावी क्रियान्वयन : उपायुक्त

वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर, बोले उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ

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हरियाणा सरकार द्वारा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007’ के प्रभावी क्रियान्वयन विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

पलवल:  हरियाणा सरकार द्वारा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007’ के प्रभावी क्रियान्वयन विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की। जिला पलवल से उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï ने कार्यशाला से जुडक़र अपने सुझाव रखे। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, शिकायत निवारण प्रक्रिया, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर जानकारी दी गई। साथ ही सामने आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी चर्चा की गई।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कार्यशाला उपरांत संबंधित अधिकारियों को जिला में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिनियम के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें ताकि वे अधिनियम का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनका सम्मान एवं संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है।

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उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित मामलों का त्वरित निपटान सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि अधिनियम के अंतर्गत माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक अपने बच्चों अथवा उत्तरदायी रिश्तेदारों से भरण-पोषण प्राप्त करने के हकदार हैं और इसके लिए गठित ट्रिब्यूनलों को संवेदनशीलता एवं तत्परता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। कार्यशाला को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 में हैं ये प्रावधान:
उपायुक्त ने बताया कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 भारत सरकार का एक अधिनियम है, जो वृद्ध व्यक्तियों एवं माता-पिता के भरण-पोषण और उनके देखरेख की एक प्रभावी व्यवस्था करती है। बुजुर्गों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी, मेडिकल सिक्योरिटी, मेंटेनेंस यानी कि जिंदगी जीने के लिए जरुरी खर्च और प्रोटेक्शन देने के लिए सीनियर सिटीजन एक्ट, 2007 लागू किया गया। ये एक ऐसा कानून है जिसके तहत माता -बाप अपने बेटे पर ऐसी स्थिति नें कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं जब उनके बच्चे उनकी देखरेख ना करे या फिर उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन न करें।

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