जलभराव से निपटने के अब बड़े बड़े दावे और तैयारियां, मानसून में कर देंगे हाथ खड़े
मानसून से पहले ड्रेनेज सिस्टम किया जा रहा मजबूत
हर बार यही होता है। मानसून से पहले युद्ध स्तर पर जलभराव से निपटने के बड़े बड़े दावे होते हैं। मुकम्मल तैयारियों का दावा किया जाता। लेकिन जैसे ही मानसून आता है, सारे दावे बरसाती पानी में बहते और तैरते नजर आते हैं।
गुरुग्राम: हर बार यही होता है। मानसून से पहले युद्ध स्तर पर जलभराव से निपटने के बड़े बड़े दावे होते हैं। मुकम्मल तैयारियों का दावा किया जाता। लेकिन जैसे ही मानसून आता है, सारे दावे बरसाती पानी में बहते और तैरते नजर आते हैं। इस बार भी शासन से लेकर प्रशासन तक वही दावे कर रहे हैं। तैयारियां भी युद्ध स्तर पर की जा रही है।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) भी अपनी व्यापक तैयारियों में जुटा है। इन्हीं तैयारियों की समीक्षा के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) अनुराग अग्रवाल ने बैठक की। बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान एसीएस ने शहर में चल रही विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने मानसून को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

सीईओ ने दी विस्तृत जानकारी :
समीक्षा के दौरान जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीणा ने बताया कि जमीनी स्तर पर काम पूरी गति से चल रहा है और मानसून की तैयारियों को मजबूत करने के लिए शहर भर में कई टीमें तैनात की गई हैं। प्रमुख सड़कों और बरसाती नालों की व्यापक सफाई का काम जारी है, साथ ही रोड गलियों के निर्माण और सतही जल निकासी व्यवस्था में सुधार भी किया जा रहा है ताकि बारिश के पानी को मुख्य जल निकासी प्रणाली में सुचारू रूप से बहाया जा सके।
ये हो रही तैयारी:
अधिकारियों ने जानकारी दी कि कई महत्वपूर्ण ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इनमें वाटिका चौक से एनएच-48 तक लेग-4 ड्रेन का निर्माण तथा सेक्टर 68-75, 76-80 और 112-115 में स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क बिछाने के कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर की जल निकासी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नरसिंहपुर से बादशाहपुर ड्रेन तक मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण
नरसिंहपुर क्षेत्र में होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नरसिंहपुर से बादशाहपुर ड्रेन तक मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण भी प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, मेदांता रोड पर ताऊ देवी लाल स्टेडियम के निकट बनाए जा रहे मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन से बरसाती पानी निकासी में सुधार होगा तथा इस सड़क पर जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
नियमित हो रही सफाई :
अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की नियमित सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार किया जा रहा है, ताकि नालों में किसी प्रकार की रुकावट न हो। मानसून अवधि के दौरान रोड गलियों और वॉटर ट्रैप्स की चौबीसों घंटे सफाई सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मैनवॉपर भी तैनात किए जाएंगे, जिससे बरसाती पानी की त्वरित निकासी संभव हो सके।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का किया दौरा:
एसीएस ने जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का भी दौरा किया तथा शहर में विभिन्न नागरिक सेवाओं के संचालन, निगरानी और प्रबंधन के लिए उपयोग में लाई जा रही स्मार्ट तकनीकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सीसीटीवी सर्विलांस नेटवर्क, स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम तथा ड्रेनेज, जलापूर्ति एवं सीवरेज से संबंधित कार्यों की निगरानी के लिए उपयोग किए जा रहे अन्य मॉनिटरिंग सिस्टम्स की कार्यक्षमता का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए तकनीक आधारित प्रणालियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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