Gurugram News: पुराने सिक्कों के खरीददार बन ठग लिए लोग, धर दबोचा पूरा गिरोह
यूट्यूब और फेसबुक पर पुराने सिक्के खरीदने का विज्ञापन देकर करते थे ठगी
आपको भी पुराने सिक्के या दुर्लभ नोट जमा करने का शौक है, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा सबक है। सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों को लाखों-करोड़ों रुपये में बेचने के चक्कर में लोग साइबर ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं।
गुरुग्राम।आपको भी पुराने सिक्के या दुर्लभ नोट जमा करने का शौक है, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा सबक है। सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों को लाखों-करोड़ों रुपये में बेचने के चक्कर में लोग साइबर ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं। गुरुग्राम पुलिस की साइबर अपराध पश्चिम थाना टीम ने एक ऐसे ही संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पुराने सिक्के और नोट अधिक दामों पर खरीदने का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। पुलिस ने इस गिरोह के एक शातिर आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

फेसबुक-यूट्यूब के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित महिला ने गुरुग्राम के साइबर अपराध पश्चिम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (यूट्यूब और फेसबुक) पर पुराने सिक्के और स्पेशल नोट ऊंचे दामों पर खरीदने का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर जब महिला ने संपर्क किया, तो ठगों ने उसके पास मौजूद पुराने सिक्कों की कीमत 75 लाख रुपये लगा दी। इतनी बड़ी रकम सुनकर महिला उनके झांसे में आ गई। इसके बाद शातिर ठगों ने कभी जीएसटी, कभी रजिस्ट्रेशन फीस तो कभी इनकम टैक्स क्लियरेंस और अन्य चार्ज के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में महिला से लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब रकम देने के बाद भी सिक्के नहीं बिके और पैसे वापस नहीं मिले, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ।
राजस्थान से दबोचे आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त ( साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में साइबर थाना पश्चिम के प्रबंधक निरीक्षक संदीप कुमार की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता और साइबर सेल की मदद से जाल बिछाया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए को आरोपी जाहुल खान को खैरथल (राजस्थान) से धर दबोचा। आरोपी मूल रूप से गांव घाटला, जिला अलवर (राजस्थान) का रहने वाला है और केवल 12वीं पास है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
पूरे गिरोह का हुआ खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी जाहुल खान ने कबूल किया कि वह एक बड़े और संगठित नेटवर्क का हिस्सा है। यह गिरोह सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब) पर विज्ञापन चलाता है। जैसे ही कोई शौकीन व्यक्ति इनसे संपर्क करता है, ये लोग व्हाट्सएप पर सिक्कों की तस्वीरें मंगवाते हैं और उनकी काल्पनिक कीमत लाखों-करोड़ों में आंक देते हैं।
इसके बाद शुरू होता है असली खेल, जहां फाइल चार्ज, आरबीआई अप्रूवल, जीएसटी और टैक्स के नाम पर किश्तों में लाखों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। आरोपी ने माना कि इस पीड़ित महिला को ठगने में उसने भी बातचीत की थी और इस पूरी ठगी की रकम में से अकेले उसके हिस्से में 8 लाख रुपये आए थे।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर पुराने नोट या सिक्के खरीदने-बेचने वाले किसी भी विज्ञापन पर भरोसा न करें। कोई भी प्रामाणिक संस्था या व्यक्ति इस तरह एडवांस में टैक्स या रजिस्ट्रेशन फीस की मांग नहीं करता है। सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।

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