Nuh mewat news: 5 दिन में उखड़ गई 34 लाख की सड़क, ग्रामीणों ने डीसी से लगाई जांच की गुहार
घटिया निर्माण का आरोप, जेई और ठेकेदार पर उठे सवाल; हादसों का खतरा बढ़ा, ग्रामीणों में रोष
हरियाणा के नूंह जिले के पुनहाना खंड के अंतर्गत जहटाना से रसूलपुर तक हाल ही में बनी सड़क को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सड़क निर्माण के महज 5 से 10 दिन के भीतर ही सड़क उखड़ने लगी, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
नूंह: हरियाणा के नूंह जिले के पुनहाना खंड के अंतर्गत जहटाना से रसूलपुर तक हाल ही में बनी सड़क को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सड़क निर्माण के महज 5 से 10 दिन के भीतर ही सड़क उखड़ने लगी, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल नूंह पहुंचा और जिला उपायुक्त (डीसी) अखिल पिलानी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन बनाई गई इस सड़क में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की सतह से डामर गायब हो चुका है और जगह-जगह बजरी व पत्थर बाहर आ गए हैं। कई स्थानों पर सड़क की परतें टूटने लगी हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने संबंधित जेई अरशद और ठेकेदार अब्बास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्य के दौरान भी गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि सड़क के दोनों किनारों पर फिनिशिंग कार्य अधूरा छोड़ा गया और आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया गया।
एक ग्रामीण ने बताया कि लगभग 34 लाख रुपये के बजट से करीब 800 से 900 मीटर सड़क बनाई गई है, लेकिन काम की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह सड़क कुछ ही दिनों में जवाब दे गई। उनका दावा है कि सड़क को निर्धारित तीन लेयर (DBM, PC और सील कोट) की बजाय जल्दबाजी में एक ही लेयर में तैयार कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर इतनी ढीली बजरी है कि बच्चे हाथों में कंकड़ भरकर खेल रहे हैं और बाइक सवार फिसलकर गिर रहे हैं।
ग्राम पंचायत जटाना के सबिर सरपंच, रॉबिन, शाहरुख, ताहिर, फज्जर, जहाज, इलियास और हाकम ने बताया कि सड़क निर्माण में रोड़ा और डामर सही तरीके से नहीं डाला गया और फिनिशिंग भी बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो सड़क पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
डीसी से मुलाकात के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि मामले की जल्द जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर निरीक्षण कर सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।




