20 वर्ष अनुभव वाले कलाकार कर सकेंगे “गुरू शिष्य परंपरा योजना” में आवेदन : डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल

योजना के तहत परंपरागत संगीत विधाओं के गुरुओं को मिलेगा मानदेय

Desh Rojana
On

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी मूर्ति दलाल ने बताया कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा लुप्त होती विधाओं जैसे लोक गायन, लोकगाथा, लोक चित्रकला, लोक नाट्य, दुर्लभ वाद्य यंत्रों, लोक नृत्य विधा का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं व उनके शिष्यों के नाम, पता व दूरभाष नंबर सहित विवरण की सूची मांगी गई है।

फरीदाबाद। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी मूर्ति दलाल ने बताया कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा लुप्त होती विधाओं जैसे लोक गायन, लोकगाथा, लोक चित्रकला, लोक नाट्य, दुर्लभ वाद्य यंत्रों, लोक नृत्य विधा का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं व उनके शिष्यों के नाम, पता व दूरभाष नंबर सहित विवरण की सूची मांगी गई है।b

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से “गुरु शिष्य परम्परा प्रशिक्षण योजना” संचालित की जा रही है। योजना के तहत वर्ष 2026-27 में विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कला विधाओं में प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित होंगी। प्रत्येक विधा में एक गुरु एवं चार शिष्यों का प्रावधान है, जबकि लोकनृत्य में अधिकतम आठ शिष्य तथा आवश्यकतानुसार एक या दो संगतकार रखे जा सकेंगे। प्रशिक्षण अवधि छह माह निर्धारित की गई है। इस दौरान गुरु को प्रतिमाह 7,500 रुपये, प्रत्येक शिष्य को 1,500 रुपये तथा संगतकार को 3,750 रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा।

गुरू शिष्य परम्परा योजना वर्ष 2026-27 के तहत पात्रता मापदंड :
उन्होंने बताया कि योजना के तहत आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 50 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए तथा संबंधित कला क्षेत्र में कम से कम 20 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। इच्छुक कलाकार अपने बायो-डाटा एवं नवीनतम छायाचित्र सहित आवेदन प्रस्तुत करेंगे। साथ ही कला क्षेत्र में प्राप्त प्रमाण पत्रों की स्वयं प्रमाणित प्रतियां एवं सरकार अथवा प्रतिष्ठित कला एवं संस्कृति संस्थाओं से प्राप्त पुरस्कार एवं मान्यता प्रमाण पत्रों की प्रतियां भी संलग्न करनी होंगी। योजना के अंतर्गत एक गुरू के साथ चार शिष्यों का प्रावधान किया गया है, जबकि लोकनृत्य विधा में अधिकतम आठ शिष्य तथा आवश्यकता अनुसार एक या दो संगतकार भी रखे जा सकेंगे।

इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए सेक्टर- 12 स्तिथ लघु सचिवालय की जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में कमरा नंबर- 10 में संपर्क किया जा सकता है। या फिर उक्त विद्याओं में पारंगत प्रशिक्षक अपना नाम, पता एवं दूरभाष नंबर सहित अन्य विवरण महानिदेशक कलां एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा, एससीओ नंबर-29, दूसरा ताल, सेक्टर 7-सी, चंडीगढ़ भेज सकते हैं।

Desh Rojana Hiring Ad

About The Author

संबंधित समाचार

Desh Rojana Hiring Ad

टॉप न्यूज

सभी देव भूमि उत्तराखंड की संस्कृति और मर्यादा का रखे पूरा ध्यान:- ओमप्रकाश जमदग्नि, दर्जाधारी राज्यमंत्री उत्तराखंड
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सीएसआर फंड से 5 करोड़ रुपए की नई स्ट्रीट लाइटों का किया उद्घाटन
बिना काम पूरा हुए 33 करोड़ की पेमेंट करने पर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने विजिलेंस जांच के दिए निर्देश
सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर जिले में मनाया जाएगा “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” : डीसी आयुष सिन्हा
20 वर्ष अनुभव वाले कलाकार कर सकेंगे “गुरू शिष्य परंपरा योजना” में आवेदन : डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल