Palwal News: आमजन राष्ट्रीय ध्वजारोहण करते समय ध्वज संहिता की कड़ाई से करें पालना : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

केंद्र सरकार की ओर से 9 अगस्त से 17 अगस्त तक किया जा रहा है ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आयोजन

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उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि 26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया गया और स्वतंत्रता के कई वर्ष बाद भारत के नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और फैक्ट्रियों आदि संस्थानों में न केवल राष्ट्रीय दिवसों पर, बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति दी गई।

पलवल: उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि रंग, रूप, वेशभूषा से चाहे हम कितने भी अनेक हों, लेकिन जब हम राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के नीचे खड़े होते हैं तो हम सब एक हैं, भारतीय हैं। एकता, अखंडता एवं बलिदान का प्रतीक हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हम सभी को मातृभूमि की सेवा में निरंतर समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 9 अगस्त से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और नागरिक जिम्मेदारी का जनआंदोलन है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में तिरंगे के प्रति सम्मान, राष्ट्र के प्रति गौरव और आजादी के अमृत मूल्यों के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है। भारतीय ध्वज संहिता से संबंधित जानकारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट www.mha.gov.in/ से प्राप्त की जा सकती है।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि 26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया गया और स्वतंत्रता के कई वर्ष बाद भारत के नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और फैक्ट्रियों आदि संस्थानों में न केवल राष्ट्रीय दिवसों पर, बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति दी गई। अब भारतीय नागरिक निर्धारित प्रोटॉकोल की पालना करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को कहीं भी और किसी भी समय फहरा सकते है, बशर्ते कि वे ध्वज की संहिता का कड़ाई से पालन करें और तिरंगे के सम्मान में कोई कमी न आने दें। उन्होंने कहा कि हमें देश प्रेम व राष्ट्रीय ध्वज आचार संहिता का भी ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी पहचान है जो हमें देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है।


राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सही तरीका एवं सावधानियां:

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसलिए इसे फहराते समय सदैव सम्मान और निर्धारित नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा ऐसे सम्मानजनक और प्रमुख स्थान पर फहराया जाना चाहिए, जहां वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। सामान्यत: इसे सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, हालांकि विशेष अवसरों पर रात्रि में भी फहराया जा सकता है। ध्वज को हमेशा तेजी से ऊपर चढ़ाया जाए तथा धीरे-धीरे और पूरे सम्मान के साथ नीचे उतारा जाए। यदि बिगुल बजाया जा रहा हो तो ध्वज को उसी के अनुरूप फहराया और उतारा जाना चाहिए।
इमारत, बालकनी, खिडक़ी या दीवार पर ध्वज लगाने की स्थिति में यह सुनिश्चित किया जाए कि केसरी रंग हमेशा ऊपर रहे। यदि ध्वज मंच पर लगाया जाए तो वक्ता के श्रोताओं की ओर मुख होने पर ध्वज उसकी दाहिनी ओर होना चाहिए। किसी जुलूस या परेड में राष्ट्रीय ध्वज सबसे सम्मानजनक स्थान पर रहेगा तथा मोटर कार पर इसे केवल निर्धारित स्थान पर ही लगाया जाएगा। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इसलिए फटा, गंदा या क्षतिग्रस्त ध्वज कभी नहीं फहराना चाहिए। ध्वज का उपयोग सजावट, बंदनवार, फीता, मंच या मेज को ढकने अथवा किसी वस्तु के आवरण के रूप में नहीं किया जा सकता। किसी व्यक्ति या वस्तु के सम्मान में ध्वज को झुकाना भी वर्जित है।

राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा या उसके बराबर कोई अन्य ध्वज नहीं लगाया जाना चाहिए और ध्वज-दंड के ऊपर कोई अन्य वस्तु, फूल, माला या प्रतीक नहीं रखा जाना चाहिए। ध्वज को कभी भी जमीन, फर्श या पानी को नहीं छूने देना चाहिए तथा उसे इस प्रकार नहीं बांधना चाहिए जिससे उसे किसी प्रकार की क्षति पहुंचे। इन सभी नियमों का पालन कर हम अपने राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान बनाए रख सकते हैं।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।

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