Rewari News: स्वास्थ्य विभाग द्वारा 'अम्ब्रेला अभियान’ के तहत डेंगू-मलेरिया की रोकथाम पर विशेष फोकस
डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए अपनाएं सावधानी, साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
जिला स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए ‘अम्ब्रेला अभियान’ चलाया है। इसका उद्देश्य डेंगू एवं मलेरिया से शून्य मृत्यु और शून्य प्रकोप का लक्ष्य प्राप्त करना है। डिप्टी सीएमओ डॉ जोगेन्द्र तंवर ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की जांच एवं स्रोत नियंत्रण, लार्वा सर्वे, फॉगिंग, बुखार सर्वे, प्रयोगशाला जांच, मरीजों का उचित उपचार तथा जन-जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं।
रेवाड़ी: जिला स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए ‘अम्ब्रेला अभियान’ चलाया है। इसका उद्देश्य डेंगू एवं मलेरिया से शून्य मृत्यु और शून्य प्रकोप का लक्ष्य प्राप्त करना है।
डिप्टी सीएमओ डॉ जोगेन्द्र तंवर ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की जांच एवं स्रोत नियंत्रण, लार्वा सर्वे, फॉगिंग, बुखार सर्वे, प्रयोगशाला जांच, मरीजों का उचित उपचार तथा जन-जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिले में अब तक डेंगू के 4 मामले सामने आए हैं, जबकि मलेरिया के 10 मामले रिपोर्ट हुए हैं। डेंगू व मलेरिया के मामलों को देखते हुए विभाग द्वारा सक्रिय बुखार सर्वे और जांच गतिविधियों को और तेज किया जाएगा।

घर-घर स्रोत नियंत्रण पर जोर: इस अभियान के तहत कूलर, टायर, पानी की टंकियों तथा अन्य संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की जांच की जा रही है। संभावित लार्वा स्थलों को समाप्त करने के साथ-साथ लोगों को साफ-सफाई एवं जलभराव रोकने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं नगर निकाय एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आवश्यकतानुसार फॉगिंग करवाई जा रही है।
बुखार के मरीजों की होगी सक्रिय निगरानी : जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुखार से पीड़ित मरीजों का सर्वे एवं लाइन-लिस्टिंग की जा रही है। संदिग्ध मरीजों की डेंगू की एनएस 1, आईजीजी, आईजीएम तथा मलेरिया की रक्त स्लाइड जांच करवाई जा रही है।
सावधानी बरतें लोग: जिला स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से जलजनित बीमारियों से सावधानी बरतने की जरूरत बताते हुए कहा कि वे अपने घरों में पानी जमा नहीं होने दे, सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाकर कूलर और पानी के बर्तनों को खाली कर साफ करें, पूरी बाजू के कपड़े पहने तथा बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच अवश्य करवाएं।




