Rewari News: महाशिवरात्रि पर्व पर 11 जुलाई को होगा जल अभिषेक, मंदिरों में विशेष सफाई और सजावट कार्य शुरू
हरिद्वार , गंगोत्री और गोमुख से पैदल चलकर अपने ठिकानों पर पहुंचने वाले कावड़ियों को परेशानी
दिल्ली जयपुर हाईवे पर हरिद्वार, गंगोत्री व गोमुख से कावड़ में जल भरकर, सैकड़ो किलोमीटर पैदल यात्रा दूरी तय करने के उपरांत अपने-अपने क्षेत्र के गांव व व शहरों के शिवालय पर बमबम के जयकारों के साथ जलाभिषेक करेंगे। बावल के बिजली विभाग के पास प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी राजेंद्र वशिष्ठ ने देते हुए बताया कि 10 अगस्त रात्रि 12:00 बजे उपरांत पहुंचने वाले कावड़ियों के लिए जल अभिषेक की पूर्ण अवस्था की गई है।
रेवाड़ी: दिल्ली जयपुर हाईवे पर हरिद्वार, गंगोत्री व गोमुख से कावड़ में जल भरकर, सैकड़ो किलोमीटर पैदल यात्रा दूरी तय करने के उपरांत अपने-अपने क्षेत्र के गांव व व शहरों के शिवालय पर बमबम के जयकारों के साथ जलाभिषेक करेंगे।

बावल के बिजली विभाग के पास प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी राजेंद्र वशिष्ठ ने देते हुए बताया कि 10 अगस्त रात्रि 12:00 बजे उपरांत पहुंचने वाले कावड़ियों के लिए जल अभिषेक की पूर्ण अवस्था की गई है। गत 3 अगस्त से बावल क्षेत्र के गांव संगवारी कसोला चौक से बावल क्षेत्र में 15 से अधिक राजस्थान के जयपुर ,अजमेर, कोटपूतली, बहरोड, शाहजहांपुर क्षेत्र में बम बम के जयकारों के साथ जाने वाले कौड़ियों की सुविधा के लिए कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं।
कावड़ सेवा शिवर में ठहरने, जलपान , भोजन के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य जांच का भी प्रबंध किया गया है। अनुमान है कि 3 अगस्त से आज 8 अगस्त तक पैदल लगभग 6000 कावड़ यात्री सुरक्षित रूप से अपने क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
इस संदर्भ में बावल क्षेत्र के सी इंडिया गिलास कंपनी में गोमुख से चलकर विश्राम कर रहे 30 वर्षों से लगातार कावड़ लेकर आ रहे त्रिलोकचंद पुत्र ने नेतराम गांव बहरोड निवासी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि आधुनिक चका चौध में उत्तर प्रदेश दिल्ली व हरियाणा के गुड़गांव जिले में पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए सुख सुविधा सुरक्षा के प्रबंध देखे गए।
वहीं धारूहेड़ा से बावल क्षेत्र के दिल्ली जयपुर हाईवे के हरियाणा बॉर्डर तक सड़क के किनारे बने बरसाती पानी के नाले जगह-जगह आते पड़े होने के कारण बरसाती गंदे नाले को गंदा पानी सड़क पर तालाब की तरह खड़ा है। सड़क पर तेज गति से चलने वाले अनेक वाहनों के पहियों से गंदे पानी की छींटे लगने बचने के लिए शिवभक्तों को परेशानी हो रही है। रात्रि के वक्त कांवड़ शिविर में पुलिस को गश्त करते देखा गया।
इसी क्रम में हरिद्वार से राजस्थान को पहुंचने वाले नीरज शर्मा मानक घनश्याम नीमराना रूप सिंह पुत्र बनवारी लाल नया बस नारायणपुर कोटपुतली आदि सैकड़ो का ऑडियो ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गत वर्षो से कावड़ ला रहे हैं लेकिन पिछले 15 वर्षों के उपरांत कावड़िया सावन की बूंद की बरसात बरसात में नाचते गाते हंसते कुत्ते बिना किसी परेशानी के अपने क्षेत्र को पहुंच रहे हैं भगवान शिव भोले उन पर अपार कृपा बनाए हुए हैं इसी क्रम में राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि बोल क्षेत्र के विभिन्न सेवाओं पर सर्वप्रथम डाक कवाडे को जलाभिषेक वायदा दो प्रांत हरिद्वार व अन्य क्षेत्रों से बैकुंठ झूला वह खड़ी कावड़ लेकर पहुंचने वाले कौड़ियों को अभिषेक के लिए आमंत्रित किया जाएगा। दूध धारा से पहुंचने वाले कावड़ियों के लिए मंदिर कमेटी द्वारा जलपान भजन व रात्रि विश्राम की पूर्ण व्यवस्था की गई है। 10 अगस्त की रात्रि को बावल के मुख्य मार्गो से शिव भोले की कांवड़ यात्रा जयकारों से निकल जाएगी। प्रातः 11 अगस्त को मंदिर परिसर में मेले का आयोजन होगा।




