Nuh, Pingawan:अरावली का कत्लेआम: पिनगवां के गांव चोखा कूटकपुर बास में भू-माफियाओं का महा-घोटाला, पुलिस व माइनिंग विभाग पर उठे गंभीर सवाल!
15 बिस्वा से अधिक जमीन से उठा ली मिट्टी; 112 डायल करने पर भी नहीं पहुंची मदद, खाकी और माइनिंग विभाग की चुप्पी से भड़के ग्रामीण
नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांव शाह चोखा (खोरिश) और कूटकपुर बास क्षेत्र में भू-माफियाओं व अवैध खननकारियों का आतंक अपने चरम पर पहुंच चुका है। स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए माफिया अरावली की पहाड़ियों और आसपास की जमीनों का सीना चीरकर अवैध कमाई में जुटे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सब कुछ स्थानीय पुलिस की संदिग्ध खामोशी, मिलीभगत और माइनिंग विभाग की लापरवाही के साये में बेधड़क चल रहा है।
नूंह, पिनगवां:नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांव शाह चोखा (खोरिश) और कूटकपुर बास क्षेत्र में भू-माफियाओं व अवैध खननकारियों का आतंक अपने चरम पर पहुंच चुका है। स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए माफिया अरावली की पहाड़ियों और आसपास की जमीनों का सीना चीरकर अवैध कमाई में जुटे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सब कुछ स्थानीय पुलिस की संदिग्ध खामोशी, मिलीभगत और माइनिंग विभाग की लापरवाही के साये में बेधड़क चल रहा है।

15 बिस्वा से ज्यादा जमीन खोखली, GPS तस्वीरों से खुला राज: सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक्सक्लूसिव GPS लोकेशन टैग्ड तस्वीरों और वीडियो (दिनांक 01 अगस्त 2026) ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। तस्वीरों में भारी-भरकम ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और दर्जनों मजदूर दिन के उजाले में पहाड़ियों व खेतों से मिट्टी और खनन सामग्री लादते साफ नजर आ रहे हैं।
वही ग्रामीणों के अनुसार, माफिया अब तक 15 बिस्वा से भी अधिक जमीन से अवैध रूप से मिट्टी उठा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र से आए दिन अवैध खनन की शिकायतें आती हैं। हालांकि, वर्तमान में हो रही लगातार बरसात के कारण अस्थायी रूप से खुदाई रुकी हुई है, लेकिन माफिया मौका मिलते ही दोबारा सक्रिय हो जाते हैं।
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"112 पर कॉल की, माइनिंग दफ्तर के चक्कर काटे, पर नहीं हुई सुनवाई": मामले में शिकायतकर्ता फखरुद्दीन, जमशेद और मुश्ताक अली ने पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े प्रहार किए हैं। शिकायत कर्ताओं का आरोप है कि हम अपनी आवाज उठाते-उठाते थक चुके हैं। हमने माइनिंग विभाग (खनन विभाग) के दफ्तर जाकर कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इतना ही नहीं, जब मौके पर अवैध खनन चल रहा होता है, तब इमरजेंसी पुलिस हेल्पलाइन 'डायल 112' पर भी कॉल की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब आम नागरिक की गाड़ी से नियम टूटता है तो पुलिस तुरंत चालान काट देती है, लेकिन पहाड़ियों को खोखला करने वाले इन माफियाओं पर खाकी की नजर क्यों नहीं पड़ती।

उनका कहना है कि अरावली क्षेत्र केवल पहाड़ या मिट्टी का ढेर नहीं, बल्कि मेवात की जीवन रेखा और पर्यावरण संतुलन का मुख्य आधार है। लगातार हो रहे इस अवैध उठान से भूमिगत जलस्तर तेजी से गिर रहा है और आने वाले समय में भीषण प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडरा रहा है।
नूंह पुलिस अधीक्षक, खनन विभाग और उच्चाधिकारियों से सीधी मांग: कूटकपुर बास, शाह चोखा और आसपास के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है
निष्पक्ष जांच: पिनगवां थाने के जिम्मेदार अधिकारियों व माइनिंग विभाग की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाए। और अवैध खनन में शामिल गिरोह के सरगनाओं को नामजद कर उनके वाहनों को जब्त किया जाए और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।
वही बारिश रुकते ही दोबारा शुरू होने वाले खनन को रोकने के लिए क्षेत्र में विशेष पुलिस टीम और माइनिंग राइडर्स की तैनाती की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही इस अवैध कारोबार पर पूर्ण विराम नहीं लगाया, तो क्षेत्र की जनता लामबंद होकर सड़कों पर उतरने और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।
अधिकारियों का पक्ष: अवैध खनन या मिट्टी का अवैध उठान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामला संज्ञान में आते ही संबंधित थाना पुलिस और माइनिंग टीम को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। यदि डायल 112 पर कॉल करने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची या किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। पर्यावरण व अरावली से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उनके वाहन सीज किए जाएंगे।
डॉ. प्रतीक जैन पुलिस अधीक्षक, जिला नूंह

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