Mahendergarh/ Narnaul News: महेंद्रगढ़ जिले के 39 गांवों के लिए 284.18 करोड़ की परियोजना को मंजूरी : रणवीर सिंह गंगवा
नारनौल शहर के लिए लगभग 34 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से नई डिस्पोजल प्रणाली के निर्माण होगा
हरियाणा के जन स्वास्थ्य एवं भवन और निर्माण मंत्री रणवीर सिंह गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचाने को प्रतिबद्ध है।
नारनौल: हरियाणा के जन स्वास्थ्य एवं भवन और निर्माण मंत्री रणवीर सिंह गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचाने को प्रतिबद्ध है। जिला महेंद्रगढ़ के 39 जल-अभावग्रस्त गांवों और नांगल चौधरी शहर समूह में स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 284.18 करोड़ रुपये की वृहद पेयजल संवर्धन योजना को सरकार ने तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। श्री गंगवा वीरवार को नारनौल में बीजेपी की ओबीसी मोर्चा की प्रदेश सचिव सरिता जांगिड़ के आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए कुल तीन पैकेज तैयार किए गए हैं। प्रथम पैकेज का कार्य 53.47 करोड़ रुपये की लागत से आवंटित कर दिया गया है और धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।
इस दूरगामी परियोजना के तहत सिरोही बहाली, मुसनोता तथा आसरावास में तीन नए स्वतंत्र जलघर (वाटर वर्क्स) निर्मित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, नांगल दर्गू एवं नांगल चौधरी (मोहनपुर) के मौजूदा जलघरों के लिए कच्चे पानी की नई राइजिंग मेन लाइन बिछाने का काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के द्वितीय एवं तृतीय पैकेज की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसमें असरावास जलघर व राइजिंग मेन लाइन के लिए 30.69 करोड़ रुपये का दूसरा पैकेज तथा मुसनोता जलघर, नांगल दर्गू एवं नांगल चौधरी में दूसरे लिफ्टिंग स्टेशन के लिए 41.12 करोड़ रुपये का तीसरा पैकेज शामिल है।
जन स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग तथा निर्धारित 540 दिनों की समयावधि के भीतर संपूर्ण निर्माण कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के संकल्प पर पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल शहर के लिए लगभग 34 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से नई डिस्पोजल प्रणाली के निर्माण और बची हुई गलियों में नई सीवर लाइन बिछाने की परियोजना का खाका तैयार किया है। इस निर्माण कार्य की अनुमानित लागत 34,62,14,896 रुपये तय की गई है और इसे पूरा करने के लिए 365 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत मुख्य रूप से सिविल इंजीनियरिंग कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जिससे शहरवासियों को सीवरेज की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
इस मौके पर पूर्व चेयरमैन गोबिंद भारद्वाज, महिला आयोग की सदस्य भारती सैनी, नगर परिषद चेयरपर्सन कमलेश सैनी, सरला यादव, सरोज बाला तथा कैलाशवती के अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
संबंधित समाचार



