आयकर एवं उद्यमिता हेतु विशेष व्याख्यान का आयोजन
जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में विद्यार्थियों को व्यावसायिक जीवन के लिए तैयार करने तथा वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयकर एवं उद्यमिता विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
पलवल। जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में विद्यार्थियों को व्यावसायिक जीवन के लिए तैयार करने तथा वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयकर एवं उद्यमिता विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के नवाचार प्रकोष्ठ द्वारा किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री रमेश चंद देहरा के स्वागत से हुई। उनका स्वागत संगणक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष श्री पवन मुखीजा द्वारा किया गया। इस अवसर पर गणित विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ अंजू भी उपस्थित रही। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि वित्तीय एवं व्यावसायिक समझ भी अत्यंत आवश्यक है।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को आयकर की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया गया। प्रत्यक्ष कर एवं अप्रत्यक्ष कर के बीच अंतर को सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही व्यक्तिगत आय, कृषि आय तथा करदाता की आवासीय स्थिति जैसे साधारण निवासी, असाधारण निवासी एवं अनिवासी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में आय के पाँच प्रमुख स्रोतों पर विशेष प्रकाश डाला गया, जिनमें वेतन से आय — जिसमें भत्ते एवं परिलाभ शामिल हैं, गृह संपत्ति से आय, व्यवसाय एवं पेशे से आय, पूंजीगत लाभ (अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन) तथा अन्य स्रोतों से आय शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को पुरानी कर व्यवस्था एवं नई कर व्यवस्था के बीच अंतर समझाया गया। कुल आय की गणना, विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मिलने वाली कटौतियाँ तथा आयकर की गणना के लिए लागू आय वर्गों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही अधिभार की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने पुनः विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि ऐसे व्याख्यान उनके भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अंत में विभागाध्यक्ष श्री पवन मुखीजा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. कुसुम, डॉ. भावना, सोनिया, पूजा, मीनू, विनीता , अनु , गरिमा, चारु, स्वाति सहित अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे।
यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।

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